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पूजा अर्चना कर आंवले का महत्व बताया
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बुढ़वा में आंवला के वृक्ष के नीचे प्रसाद खाती महिलाएं। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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अमौली। बुढ़वा में अक्षय नवमी मनाई गई। महिलाओं ने पूजा विधि विधान से पूजन किया। ब्रम्हदेव आश्रम स्थित आंवले के वृक्ष की पूजा अर्चना कर खीर पुआ का प्रसाद ग्रहण किया।
शारदा देवी ने अक्षय नवमी का महत्व बताया। कहा कि, सांसारिक जीवन में जाने अंजाने में होने वाले पापों से मुक्ति मिलती है। सुरभि शुक्ला ने आयुर्वेद में बताए गए आंवले के महत्व की जानकारी दी।
बताया कि आंवला का रस, मुरब्बा, फल का चूर्ण किसी भी प्रकार से प्रयोग करने पर शरीर के लिए अमृत के समान लाभकारी है। इसीलिए इसे अध्यात्म से जोड़ा गया है।
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इसलिए सभी लोग आंवले के वृक्ष लगा कर जीवन को सार्थक करें। इस मौके पर पदमा देवी, राधा, शानू, रानू, गीता मिश्रा, लक्ष्मी, शिवानी, विमला, मीरा, राजकुमारी, श्रेया शुक्ला मौजूद थीं।
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शारदा देवी ने अक्षय नवमी का महत्व बताया। कहा कि, सांसारिक जीवन में जाने अंजाने में होने वाले पापों से मुक्ति मिलती है। सुरभि शुक्ला ने आयुर्वेद में बताए गए आंवले के महत्व की जानकारी दी।
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बताया कि आंवला का रस, मुरब्बा, फल का चूर्ण किसी भी प्रकार से प्रयोग करने पर शरीर के लिए अमृत के समान लाभकारी है। इसीलिए इसे अध्यात्म से जोड़ा गया है।
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इसलिए सभी लोग आंवले के वृक्ष लगा कर जीवन को सार्थक करें। इस मौके पर पदमा देवी, राधा, शानू, रानू, गीता मिश्रा, लक्ष्मी, शिवानी, विमला, मीरा, राजकुमारी, श्रेया शुक्ला मौजूद थीं।