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60 दिन से नौ हजार की आबाजी में जलापूर्ति बंद
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औंग। मलवां ब्लाक की औंग पेयजल समूह योजना से जुड़ी नौ हजार की आबादी को दो महीने से जलापूर्ति बंद है। वाटर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सीधे नलकूप से मिलने वाले पानी की आपूर्ति बाधित है।
वर्ष 2001 में औंग में 165 क्यूसेक लीटर क्षमता वाली पेयजल योजना चालू हुई थी। जलापूर्ति के लिए औंग, ओरिया खेड़ा, गढ़ी कीचकपुर गांवों की नौ हजार की आबादी में जलापूर्ति के लिए पानी की लाइन डाली गई थी।
इसके लिए एक नलकूप लगया गया था। 17 साल पहले बनी समूह योजना से ओरियाखेड़ा और गढ़ी कीचकपुर गांव में एक बार भी पानी नहीं पहुंचा। टंकी का वाल्ब खराब होने के कारण पिछले आठ साल से उसमें पानी नहीं भरा गया।
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नलकूप से सीधे जलापूर्ति हो रही थी। वह भी दो महीने से बंद है। इस कारण जलापूर्ति के लिए डाली गई पाइप लाइन का क्षतिग्रस्त होना है।
उद्घाटन शिलापट टूटकर गायब
पेयजल योजना का तत्कालीन राज्यमंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक, किशनपुर विधायक कृष्णा पासवान, तत्कालीन जिलाधिकारी प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था। हाईवे चौड़ीकरण में बाउंड्रीवाल के साथ ही शिलापट टूटकर गायब हो गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जल निगम के सहायक अभियंता राजीव ने बताया लगातार विभाग के उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा रहा है। वाल्व नहीं मिला है। बहुत जल्द नई पेयजल लाइन डालकर जलापूर्ति चालू की जाएगी।
किराना व्यवसायी श्याम शरण विश्वकर्मा ने बताया आठ साल से ओवरहैड टैंक बेमकसद है। उसे तो ठीक नहीं कराया गया बल्कि सीधे मिलने वाली जलपूर्ति भी बंद हो गई है। आम आदमी कितना सब्र करे।
नईम खान ने बताया पानी के लिए हैंडपंप में सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है। दो महीने से यह समस्या हो गई हैं। समय से काम पर नहीं जा पाते। दिन में घर में अतिरिक्त जरूरत पड़ गई तो पानी की किल्लत बनी रहती है।
शिक्षक प्रताप पटेल ने बताया पानी की लाइन घटिया डाली गई थी, जो कुछ ही दिन में क्षतिग्रस्त हो गई। पानी की सप्लाई कुछ दिन बाद बंद हो गई थी। अब कस्बे में पानी का संकट पैदा हो गया। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है।
जनरल स्टोर संचालक बृजेश पटेल ने बताया जब बिजली रहती थी, तो पानी की आपूर्ति मिल जाती थी। अब दो माह से हैंडपंप से पानी नहीं मिल रहा है। जल्द जलापूर्ति की व्यवस्था कराई जाए।
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वर्ष 2001 में औंग में 165 क्यूसेक लीटर क्षमता वाली पेयजल योजना चालू हुई थी। जलापूर्ति के लिए औंग, ओरिया खेड़ा, गढ़ी कीचकपुर गांवों की नौ हजार की आबादी में जलापूर्ति के लिए पानी की लाइन डाली गई थी।
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इसके लिए एक नलकूप लगया गया था। 17 साल पहले बनी समूह योजना से ओरियाखेड़ा और गढ़ी कीचकपुर गांव में एक बार भी पानी नहीं पहुंचा। टंकी का वाल्ब खराब होने के कारण पिछले आठ साल से उसमें पानी नहीं भरा गया।
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नलकूप से सीधे जलापूर्ति हो रही थी। वह भी दो महीने से बंद है। इस कारण जलापूर्ति के लिए डाली गई पाइप लाइन का क्षतिग्रस्त होना है।
उद्घाटन शिलापट टूटकर गायब
पेयजल योजना का तत्कालीन राज्यमंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक, किशनपुर विधायक कृष्णा पासवान, तत्कालीन जिलाधिकारी प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था। हाईवे चौड़ीकरण में बाउंड्रीवाल के साथ ही शिलापट टूटकर गायब हो गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जल निगम के सहायक अभियंता राजीव ने बताया लगातार विभाग के उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा रहा है। वाल्व नहीं मिला है। बहुत जल्द नई पेयजल लाइन डालकर जलापूर्ति चालू की जाएगी।
किराना व्यवसायी श्याम शरण विश्वकर्मा ने बताया आठ साल से ओवरहैड टैंक बेमकसद है। उसे तो ठीक नहीं कराया गया बल्कि सीधे मिलने वाली जलपूर्ति भी बंद हो गई है। आम आदमी कितना सब्र करे।
नईम खान ने बताया पानी के लिए हैंडपंप में सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है। दो महीने से यह समस्या हो गई हैं। समय से काम पर नहीं जा पाते। दिन में घर में अतिरिक्त जरूरत पड़ गई तो पानी की किल्लत बनी रहती है।
शिक्षक प्रताप पटेल ने बताया पानी की लाइन घटिया डाली गई थी, जो कुछ ही दिन में क्षतिग्रस्त हो गई। पानी की सप्लाई कुछ दिन बाद बंद हो गई थी। अब कस्बे में पानी का संकट पैदा हो गया। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है।
जनरल स्टोर संचालक बृजेश पटेल ने बताया जब बिजली रहती थी, तो पानी की आपूर्ति मिल जाती थी। अब दो माह से हैंडपंप से पानी नहीं मिल रहा है। जल्द जलापूर्ति की व्यवस्था कराई जाए।