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कास्ट के साल्ट से तैयार हो रही पालिटिकल केमिस्ट्री

Tue, 08 Feb 2022 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 11:54 PM IST
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fathepur news,Ladders of victory are being prepared from caste wood
फतेहपुर। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग ने भले ही जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगने पर पाबंदी लगाई है लेकिन विधानसभा चुनाव में खुले तौर पर न सही लेकिन अंदरखाने राजनीतिक प्रयोगशालाओं में जाति के आधार पर लामबंदी हो चुकी है।
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प्रत्याशी वोटों जंग में ‘अपनों’ से नहीं हारना चाहते हैं। इस स्थिति में वोटों की लड़ाई में प्रत्याशियों ने स्वजातीय मतों के लिए गोटियां बिछा दी हैं। रूठे मतदाताओं को मनाने के लिए बिचौलियों की फौज जमीन पर काम करने में लगी है। जातिगत मतदाता को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों के समर्थकों ने पूरा जोर लगा दिया है।
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23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशियों ने नामांकन के बाद गांव गांव प्रचार में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। प्रचार के दौरान प्रत्याशियों के निशाने पर सबसे पहले स्वजातीय वोट हैं।
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इन वोटों को सियासी समर में अपने पाले में करने के लिए प्रत्याशियों ने जाल बिछा दिया है। इन मतदाताओं की शिकवा शिकायतों को गले लगाते हुए जल्द ही इन्हें दूर करने का भरोसा भी दिया जा रहा है।
चुनावी रण में एक से अधिक स्वजातीय प्रत्याशी होने की दशा में सभी प्रत्याशी इन मतों को जमीनी समर्थकों के सहारे अपनी तरफ करने की कोशिश में जुटे हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में मुख्य मुकाबले में माने जा रहे प्रत्याशियों के लिए यह परीक्षा की घड़ी है।
राजनीतिक चर्चा में भाग लेेने वाले लोगों का तर्क है कि चुनाव के समय यदि प्रत्याशियों को स्वजातीय मतों का ही सहारा नहीं मिलेगा, तो चुनाव मैदान में उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा इस स्थिति में उम्मीदवारों को कई सवालों का सामना भी करना पड़ेगा। ऐसी अनचाही स्थिति का सामना करने की बजाए उम्मीदवारों ने स्वजातीय मतों के लिए जोर आजमाइश का आगाज कर दिया है।
जमीन में उतार दिए गए बिचौलिए
चुनावी संग्राम में बनी राजनीतिक प्रयोगशाला में जाति को अपने पक्ष में करने के लिए सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। उम्मीदवार से यदि कोई शिकवा शिकायत है तो उसे दूर करने के लिए बिचौलियों की फौज उतार दी गई है।

यह बिचौलिए प्रत्याशियों का संदेश मतदाताओं तक पहुंचाते हैं और गिले शिकवे दूर करने का अनुरोध करते हैं। यह बिचौलिए जासूसी का काम भी कर रहे हैं। गांवों में नित बदलती फिजा की जानकारी भी प्रत्याशियों तक पहुंचा रहे हैं।
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