फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   fathepur news,Farmers trying to save crops from cattle

मवेशियों से फसल बचाने को रतजगा कर रहे किसान

Mon, 24 Jan 2022 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
fathepur news,Farmers trying to save crops from cattle
गेहूं की फसल नष्ट करते अन्ना मवेशी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
बिंदकी। अन्ना मवेशी किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फेर रहे हैं। उपज सुरक्षित घर ले जाने के लिए भीषण ठंड में किसान खेतों में रतजगा कर रहे हैं। क्षेत्र में गोशाला होने के बाद भी किसानों की परेशानी कम नहीं है। इससे अन्नदाताओं में आक्रोश है।
विज्ञापन

अमौली ब्लॉक के सहिमलपुर, शिवपुरी, बसफरा, खजुरिया, नरैनी, रोटी, डिघरुवा, कापिल आदि गांवों में अन्ना मवेशियों के आतंक से किसान परेशान हैं।
आलू और गेहूं की फसल सुरक्षित घर ले जाने के लिए कड़ाके की ठंड में अन्नदाता खासी मेहनत कर रहे हैं। उनके लिए मटर, शकरकंद व सब्जियों की फसल बचाना भी चुनौती है।
विज्ञापन

नील गायों से अभी तक किसान परेशान थे, लेकिन अब दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में रात को अन्ना मवेशियों के झुंड फसलों में धावा बोल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जो देखते ही देखते फसलें चट कर जाते हैं या फिर रौंदकर नष्ट कर देते हैं। फसलें बचाने के लिए रात में भी किसान खेतों में डटे रहते हैं। रात भर टॉर्च की रोशनी में लाठी के सहारे किसान मवेशियों को दौड़ाते रहते हैं।
रितेश का कहना है कि अन्ना मवेशी फसल उजाड़ रहे हैं। अपनी फसल बचाने के लिए किसानों को खासा संघर्ष करना पड़ रहा है। यह बहुत दुखदाई है। किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने की जरूरत है।
किसान अनूप का कहना है कि किसान रात भर फसल की रखवाली करते है। इसके बावजूद फसल सुरक्षित रखना चुनौती बना है। किसानों को अन्ना मवेशियों से सरकारी गोशाला भी निजात नहीं दिला सकीं।
किसान सेवालाल का कहना है कि गोशाला खोले गए हैं, लेकिन अन्ना मवेशी नहीं भेजे जा रहे। किसान फसल को बचाने के लिए गुहार लगाता है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। प्रधान भी इस समस्या को नजर अंदाज कर रहे हैं।
किसान सोमदत्त पांडेय का कहना है कि किसानों को हर सुविधाएं देने का वादा सरकार कर रही है, लेकिन अन्ना मवेशियों से निजात नहीं दिला पा रही है। रात दिन किसान को फसलों की सुरक्षा करना पड़ रहे है।

हर ग्राम पंचायत स्तर में गोशाला स्थापित करना शासन की प्राथमिकता है। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल अभी अन्ना मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने के लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें वाहन से गोशाला पहुंचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अब तक कई गांवों के मवेशी गोशाला पहुंचाए भी गए हैं। - दिनेश वर्मा, प्रभारी बीडीओ, अमौली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed