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नौकरी का झांसा देकर साढ़े सात लाख की ठगी....
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फतेहपुर। बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा देकर जालसाजों ने युवक से सात लाख रुपये लेकर बैंक का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मवई निवासी शिवम ने बताया कि 2018 में उसकी मुलाकात असोथर थाना क्षेत्र के कठौता निवासी संदीप से पढ़ाई के दौरान हुई थी। संदीप ने अपने साथी सैंबसी निवासी अनुपम से उसकी मुलाकात कराई थी।
उसने अनुपम की बैंक अधिकारियों तक पहुंच बताकर उसकी बहन की नौकरी लगवाने की बात कही। वह अनुपम के झांसे में आ गया। दोनों ने लखनऊ के रहने वाले गोविंद और मनोज से उसकी मुलाकात कराई।
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आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की मांग की। शिवम ने एक सितंबर 2019 को साढ़े चार लाख रुपये अनुपम को नकद दिया था। जिसके बाद बाकी रकम नौ सितंबर को खाते में भेजी।
उक्त लोगों ने 23 सितंबर 2019 को उसे बहन की नियुक्ति का पत्र दिया। वह नियुक्ति पत्र लेकर बैंक की लखनऊ स्थित मुख्य शाखा पहुंचे। जहां नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता लगा।
जब उसने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उसने कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष रणजीत बहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मवई निवासी शिवम ने बताया कि 2018 में उसकी मुलाकात असोथर थाना क्षेत्र के कठौता निवासी संदीप से पढ़ाई के दौरान हुई थी। संदीप ने अपने साथी सैंबसी निवासी अनुपम से उसकी मुलाकात कराई थी।
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उसने अनुपम की बैंक अधिकारियों तक पहुंच बताकर उसकी बहन की नौकरी लगवाने की बात कही। वह अनुपम के झांसे में आ गया। दोनों ने लखनऊ के रहने वाले गोविंद और मनोज से उसकी मुलाकात कराई।
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आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की मांग की। शिवम ने एक सितंबर 2019 को साढ़े चार लाख रुपये अनुपम को नकद दिया था। जिसके बाद बाकी रकम नौ सितंबर को खाते में भेजी।
उक्त लोगों ने 23 सितंबर 2019 को उसे बहन की नियुक्ति का पत्र दिया। वह नियुक्ति पत्र लेकर बैंक की लखनऊ स्थित मुख्य शाखा पहुंचे। जहां नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता लगा।
जब उसने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उसने कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष रणजीत बहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।