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150 अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ की शिकायत

Fri, 29 Oct 2021 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 12:48 AM IST
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fathepur news,Advocates complained against Tehsildar
खागा। तहसील के करीब 150 अधिवक्ताओं ने गुरुवार को तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने राजस्व परिषद के सचिव, डीएम फतेहपुर व ऑनलाइन शिकायत करते हुए तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जबकि तहसीलदार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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अधिवक्ताओं ने जो आरोप लगाए हैं। उनमें सरलीकरण दाखिल खारिज में, आराजी में 600 रुपये प्रति फाइल व प्लाट के बैनामा में 1000 रुपये प्रति फाइल, रजिस्टर्ड वसीयतनामा में 5000 रुपये प्रति बीघा की दर से लिया जाता है।
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पैसा नहीं देने पर काम रोक दिया जाता है। इसी क्रम में पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाने में 100 रुपये, हिस्सा फांट में 100 रुपये, बंधक समय से खतौनी में दर्ज कराने के लिए 100 रुपये, नोड्यूज बनाने में 100 रुपये लेने का आरोप लगाया है।
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इसके साथ ही दो या तीन वर्ष पुराने दाखिल खारिज नहीं किए जाते हैं, अगर होते हैं तो दस हजार रुपये लिए जाते हैं। धारा-38 (6) जो राजस्व संहिता की धारा में में राजस्व निरीक्षक को करने का अधिकार है, उसको करने के लिए तहसीलदार ने सभी राजस्व निरीक्षकों को रोक दिया है।
उनकी इजाजत लेने के बाद ही काम किया जा रहा है। खागा तहसील में चार नायब तहसीलदार कोर्ट है। एक न्यायिक तहसीलदार की व एक तहसीलदार की। सभी मुकदमों को सुनने का अधिकार केवल तहसीलदार को है, क्योंकि शेष सभी पद रिक्त पडे़ हुए हैं।
नकल खतौनी में कंप्यूटराइज्ड बनाने में 20 रुपये लिया जाता है, जबकि उसका रेट 15 रुपये है। दो बजे के बाद खतौनी लेने के लिए अधिक शुल्क देना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने इन मामलों की गंभीरता के साथ उच्चाधिकारी से जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं में मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद रिजवान, राजेश त्रिपाठी, अनिल कुमार, अखिलेश, अखिल कुमार सिंह, अजय सिंह, राम नारायण, हेमराज सिंह, शशिकांत गर्ग और रामप्रताप शामिल हैं।

तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि आरोप गलत हैं। अधिवक्ताओं के कई काम नियमों के खिलाफ होते हैं, जिन्हें वह नहीं करते हैं। इसलिए दबाव बनाने के लिए यह शिकायत की गई है।
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