फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Every eye in the quake panic

हर आंख में भूकंप की दहशत

Sun, 26 Apr 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर Updated Sun, 26 Apr 2015 12:34 AM IST
विज्ञापन
Every eye in the quake panic

अरे यह क्या....। मुझे चक्कर क्यों आ रहे हैं।

विज्ञापन
कार्यालय में बैठे राजेश ने जैसे ही यह बात कही, बहल में बैठे रामप्रकाश को भी कुछ ऐसा ही महसूस हुआ। ये दोनों कुछ समय पाते तब तक हरिशंकर ने आवाज दी। भागो, भूकंप आ गया। फिर क्या था, किसी को न तो मोबाइल की सुध रही और न ही अपने अन्य किसी सामान की।

हर कोई सीढ़ियों की ओर दौड़ पड़ा। अगले ही पल पूरा का पूरा विकास भवन खाली हो गया। कुछ ऐसा ही नजारा अन्य कार्यालयों और निजी आवासों का भा रहा। भूकंप की जानकारी मिलते ही कोई घर छोड़ सड़क पर पहुंच गया तो कोई मैदान में।

कुछ पल बाद जब लोग घरों में घुसे तो भी उनमें दहशत रही। स्कूल में जल्दी छुट्टी कर दी गई। लोगों का दिल कांप उठा। कई घरों की दीवारों और छतों पर दरारें पड़ गईं। मकान क्षतिग्रस्त हो गए। किशनपुर के एक गांव में मवेशी बाड़ा की दीवार ढहने से मां-बेटे घायल हो गए।

भूकंप के झटकों के बाद जिला प्रशासन ने आपात बैठक की। डीएम राकेश कुमार ने तीनों तहसीलों के  एसडीएम को क्षेत्र में भ्रमण कर क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए।

सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर आए भूकंप के तेज झटके से लोग सहम गये। लोग सुरक्षित और खुले आसमान की तरफ भागते दिखे। एक मिनट में ही मकान, दुकान और ऑफिस खाली हो गए। यह झटका करीब आधा मिनट तक लोगों को महसूस हुआ।

खुली जगह पर आने के बाद भी जमीन हिलती रही। लोगों के पैर कांपते रहे। कुछ लोगों को चक्कर महसूस हुए और गश खाकर गिर पड़े। स्थिति सामान्य हुई तो डरे सहमे लोग अपने मकानों और दुकानों में पहुंचे। हालात सामान्य हो ही रहे थे कि 12 बजकर 18 मिनट पर दोबारा भूकंप के झटके लगे।

इससे लोगों में फिर भगदड़ मच गई। सरकारी दफ्तरों से अधिकारी और कर्मचारी बाहर निकल आए। सदर अस्पताल समेत नर्सिंगहोमों में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार अस्पताल से भाग निकले। बाजारों में उमड़ी भीड़ भूकंप की झटकों से सहम गई। शिक्षण संस्थाओं ने एहतियात बरतते हुए बच्चों को क्लासरूम से निकाल कर मैदान में बैठा दिया।

दो बार भूकंप के खतरे से चौकन्ना शिक्षण संस्थानों के प्रबंध तंत्र ने क्लास रूम से बच्चों को बाहर निकलवा कर आसमान ने नीचे बैठा दिया। उधर, स्कूल गए बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल शिक्षण संस्थान के दफ्तर में भूकंप के नाम पर घनघनाते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed