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बिजली बिल संशोधन के नाम पर किसान से ठगी
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फतेहपुर। बिल संशोधन के नाम पर एक किसान से बिजली विभाग के ही एक कर्मचारी ने धोखाधड़ी की है। महीनों से कर्मचारी के चक्कर काटने के बाद किसान ने बुधवार को कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत की है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद निवासी अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि नलकूप का कनेक्शन पिता के नाम पर था। पिता की 2013 में मृत्यु हो गई, जिसके बाद कनेक्शन के बिल की अदायगी के लिए बिजली विभाग ने नोटिस भेजा। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय में तैनात एक लिपिक से बिल संशोधित कराने के लिए संपर्क किया। कर्मचारी ने करीब तीन लाख के बिल को डेढ़ लाख रुपये करा देने की बात कही ।
उसने 27 मार्च को कर्मचारी को डेढ़ लाख रुपये और बिल संबंधी कागज दिए। जिसके बाद कर्मचारी ने बिल जमा करने की चार रसीदें दीं। इसमें तीन रसीदों का क्रमांक संख्या एक ही है। एक ही क्रमांक संख्या वाली रसीदों में 34000, 49000, और 1000 जमा हैं। रुपये जमा करने के बाद वह निश्चिंत हो गया था। कुछ दिन बाद लाइनमैन बिजली बिल की वसूली के लिए फिर से दबाव बनाने लगा और कनेक्शन काटने पर उतारू हो गया। लाइनमैन को रसीदें दिखाईं तो उसने रसीदें फर्जी बताईं।
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कर्मचारी से संपर्क किया तो वह उसे कोई न कोई बहाना बताकर टरकाता रहा। परिवार के गहने रखकर किसान ने कर्मचारी को बिल संशोधन के लिए रुपये दिए थे। निरीक्षक प्रशासन नियाज अहमद ने बताया तहरीर आई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय एक्सईएन आरएन सिंह ने बताया कि एक ही नंबर की रसीद पर अलग-अलग धनराशि जमा हुई हैं तो मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद निवासी अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि नलकूप का कनेक्शन पिता के नाम पर था। पिता की 2013 में मृत्यु हो गई, जिसके बाद कनेक्शन के बिल की अदायगी के लिए बिजली विभाग ने नोटिस भेजा। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय में तैनात एक लिपिक से बिल संशोधित कराने के लिए संपर्क किया। कर्मचारी ने करीब तीन लाख के बिल को डेढ़ लाख रुपये करा देने की बात कही ।
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उसने 27 मार्च को कर्मचारी को डेढ़ लाख रुपये और बिल संबंधी कागज दिए। जिसके बाद कर्मचारी ने बिल जमा करने की चार रसीदें दीं। इसमें तीन रसीदों का क्रमांक संख्या एक ही है। एक ही क्रमांक संख्या वाली रसीदों में 34000, 49000, और 1000 जमा हैं। रुपये जमा करने के बाद वह निश्चिंत हो गया था। कुछ दिन बाद लाइनमैन बिजली बिल की वसूली के लिए फिर से दबाव बनाने लगा और कनेक्शन काटने पर उतारू हो गया। लाइनमैन को रसीदें दिखाईं तो उसने रसीदें फर्जी बताईं।
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कर्मचारी से संपर्क किया तो वह उसे कोई न कोई बहाना बताकर टरकाता रहा। परिवार के गहने रखकर किसान ने कर्मचारी को बिल संशोधन के लिए रुपये दिए थे। निरीक्षक प्रशासन नियाज अहमद ने बताया तहरीर आई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय एक्सईएन आरएन सिंह ने बताया कि एक ही नंबर की रसीद पर अलग-अलग धनराशि जमा हुई हैं तो मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।