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सत्र के चार माह खत्म, नहीं पढ़ाया क, ख, ग
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:20 AM IST
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चालू सत्र मेें परिषदीय स्कूलों के ढाई लाख से अधिक नौनिहालों की पढ़ाई चौपट होना तय है। सत्र के 4 माह बीतने के बाद अभी तक स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। लापरवाही इस कदर हावी है कि जिला मुख्यालय से पहुंची किताबें ब्लाक संसाधन केंद्रों में डंप हैं। नतीजतन जहां अब तक पाठ्यक्रम का तीस फीसदी कोर्स पूरा हो जाना चाहिए, वहीं कई स्कूलों में वर्णमाला का क, ख, ग भी नहीं पढ़ाया गया। बच्चे एमडीएम खाकर लौट जाते हैं। स्कूलों में किताबें पहुंचने में पखवारे भर का समय लगना तय है।
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चालू सत्र पहली अप्रैल से शुरू है। इसके बाद जुलाई चौथा महीना व्यतीत होने जा रहा है, लेकिन स्कूलों में किताबों की वितरण व्यवस्था की स्थिति दयनीय बनी है। जिन ब्लाकों में किताबें पहुंची भी हैं, वह आधी अधूरी हैं। ऐसी हालत में अभी तक स्कूलों में पठन पाठन की व्यवस्था पूरी तरह से बाधित है। बच्चे एमडीएम खाकर वापस लौट आते हैं। जिले में 1903 परिषदीय प्रथामिक और 747 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें 2 लाख 52 हजार 373 बच्चे पढ़ते हैं। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत इन सभी बच्चों को सत्र की शुरुआत में मुफ्त में कितबों का वितरण कराने का प्रावधान है। पिछले सालों में सत्र की शुरुआत जुलाई महीने के अंत तक स्कूलों में किताबें पहुंच जाती रही हैं, लेकिन इस बार पहली अप्रैल से सत्र तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग नेे पिछले सत्रों की तर्ज पर जुलाई महीने में किताबों का वितरण शुरू कराया है। सभी स्कूलों में 15 अगस्त से पहले किताबों की उपलब्धता होना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है।
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इस तरह से सत्र के चार महीने व्यतीत हो चुके हैं और स्कूलों में पठन पाठन व्यवस्था का शुभारंभ नहीं हो पाया है। फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह में इन बच्चों की वार्षिक परीक्षा होना तय है। ऐसी हालत में सिर्फ साढ़े पांच महीनों में 11 महीने का कोर्स कैसे पूरा हो पाएगा। यह सोचनीय विषय है। आखिर शिक्षक कौन सी जादू की छड़ी घुमारकर बच्चों के अंदर संबंधित कक्षा का ज्ञान भर देंगे।
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पुस्तक वितरण प्रभारी वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी प्रभाकर द्विवेदी का कहना है कि जिला मुख्यालय में 99 प्रतिशत किताबें प्राप्त हो चुकी हैं। ब्लाक संसाधन केंद्रों को किताबें भेजी जा रही हैं। ब्लाक संसाधन कें द्रों से एनपीआरसी स्कूलों में किताबें पहुंचा रहे हैं। ऐसी हालत में चालू महीने के अंत तक सभी स्कूलों में शत प्रतिशत किताबें पहुंच जाएंगी।