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श्रेणी की स्थिति साफ न होने से किसानों में संशय

Thu, 06 Apr 2017 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर Updated Thu, 06 Apr 2017 01:12 AM IST
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Due to lack of clearance of the situation,
potato - फोटो : amar ujala
यूपी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कृषि लोन माफ करने की घोषणा कर दी है, लेकिन ऋण माफी की श्रेणी में आने वालों की स्थिति साफ न होने से किसानों में संशय बना है। बकायेदार किसान भी बैंक कर्मियों से जानकारी ले रहे हैं। उधर, शाखा प्रबंधक भी शासन से गाइड लाइन आने के इंतजार में हैं। फिर भी बैंक कर्मचारी जिले में करीब 80 हजार से एक लाख किसानाें का कर्ज माफ होने के कयास लगा रहे हैं।
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31 मार्च 2016 तक बैंक से कृषि लोन लेने वाले लघु, सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है। इसमें एक हेक्टेयर वाले किसान सीमांत और दो हेक्टेयर वाले किसान को लघु की श्रेणी में रख गया है। इससे अधिक जमीन वाले किसान वृहद की श्रेणी में आते हैं। जिले में करीब 1.20 लाख किसानों की केसीसी बनी है। इसमें 50 फीसदी किसानों ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से किसानों ने कृषि लोन लिए हैं।
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जिले के दो लाख किसानों ने बैंक से करीब 1200 करोड़ रुपये लोन ले रखा है। इसमें 700 करोड़ रुपये केसीसी से खाद, बीज के लिए किसानों ने लोन ले रखा है। प्रदेश सरकार ने कर्ज माफी के लिए जो मानक तय किया है, उसमें करीब 400 करोड़ रुपया कर्ज माफी के दायरे में नहीं है। 300 करोड़ रुपया माफ होने की संभावना है। लीड बैंक मैनेजर एसएस तोमर का कहना है कि कर्ज माफी की गाइड लाइन मिलने के बाद सभी बैंकों से सूची मांगी जाएगी। इसके बाद स्थित साफ होगी कि कितने किसानों को कृषि लोन का लाभ मिलेगा।
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