{"_id":"587e6b0a4f1c1b700deffde9","slug":"drug-once-a-week-to-avoid-malnutrition","type":"story","status":"publish","title_hn":"सप्ताह में एक दिन कुपोषण से बचने की दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सप्ताह में एक दिन कुपोषण से बचने की दवा
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Wed, 18 Jan 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
-हंसवा बीआरसी में प्रशिक्षण देते बीईओ देवेंद्र कुमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्याह्न भोजन योजना में दूध और फल वितरण के बाद अब शिक्षक बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की दवा भी खिलाएंगे। हर सप्ताह नियत दिन को सभी बच्चों को पानी से दवा खिलाने का प्रावधान किया गया है। मंगलवार को हंसवा ब्लाक संसाधन केंद्र में दवा खिलाने का शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को इसकी हर माह बेसिक शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भी देनी होगी।
एमडीएम में बच्चों को पौष्टिक आहार देने के बावजूद बच्चों में कुपोषण की समस्या खत्म नहीं हो रही है। ऐसी हालत में शासन ने बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए नेशनल आयरन प्लस इनसिएटिव संस्था को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और शिक्षकों को एक साथ काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। संस्था ब्लाकवार शिक्षकों को एनीमिया से बच्चों को मुक्त करने के उपाय बताएगी। प्रशिक्षक ऊषा अवस्थी ने बताया कि आधुनिक समय में लोग लोहे की कढ़ाही का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों में आयरन की कमी हो रही है।
52 सप्ताह तक स्वास्थ्य विभाग आयरन की दवा स्कूलों को देगा। अवकाश के दिनों में शिक्षक अभिभावकों को दवा देेंगे, जिससे वे अपने बच्चों को घर में दवा खिला सकें। बीईओ देेवेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि खाना खाने के एक घंटे बाद ही दवा खाएं। दवा खाने के बाद दूध या चाय का सेवन हानिकारक है। इस मौके पर सुशील शिवहरे, महेंद्र सिंह, शाह आलम, मासूम खां, उमाशंकर दीक्षित रेनू शुक्ला, नीलम, कमल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीएम में बच्चों को पौष्टिक आहार देने के बावजूद बच्चों में कुपोषण की समस्या खत्म नहीं हो रही है। ऐसी हालत में शासन ने बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए नेशनल आयरन प्लस इनसिएटिव संस्था को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और शिक्षकों को एक साथ काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। संस्था ब्लाकवार शिक्षकों को एनीमिया से बच्चों को मुक्त करने के उपाय बताएगी। प्रशिक्षक ऊषा अवस्थी ने बताया कि आधुनिक समय में लोग लोहे की कढ़ाही का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों में आयरन की कमी हो रही है।
विज्ञापन
52 सप्ताह तक स्वास्थ्य विभाग आयरन की दवा स्कूलों को देगा। अवकाश के दिनों में शिक्षक अभिभावकों को दवा देेंगे, जिससे वे अपने बच्चों को घर में दवा खिला सकें। बीईओ देेवेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि खाना खाने के एक घंटे बाद ही दवा खाएं। दवा खाने के बाद दूध या चाय का सेवन हानिकारक है। इस मौके पर सुशील शिवहरे, महेंद्र सिंह, शाह आलम, मासूम खां, उमाशंकर दीक्षित रेनू शुक्ला, नीलम, कमल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन