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Fatehpur News: मेडिकल कॉलेज से अलग होंगे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल
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फोटो-34-जिला व महिला अस्पताल की फोटो। फाइल फोटो
- फोटो : शहर के पुराना 132 केवी पावर सब स्टेशन का निरीक्षण करते एसडीएम महेश कुमार व अधीक्षक अभियंता जितेंद्र ढूल और कार्यकारी अभियंता दयाचंद रोहिल्ला।
फतेहपुर। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को राजकीय मेडिकल कॉलेज से अलग कर पूर्व की तरह स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने की कवायद तेज हो गई है। सीएमओ ने दोनों अस्पतालों के स्वतंत्र संचालन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर प्रशासनिक स्वीकृति मांगी है। प्रस्ताव में डॉक्टरों और कर्मचारियों के पद भरने के साथ जांच, दवाओं और अन्य जरूरी चिकित्सा संसाधनों के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने प्रस्ताव में कहा है कि दोनों अस्पतालों के मेडिकल कॉलेज में समायोजन के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है। मरीजों की संख्या के अनुपात में विशेषज्ञ डॉक्टरों, कर्मचारियों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है।
जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी करीब 12 किलोमीटर होने के कारण गंभीर मरीजों को वहां पहुंचाने में भी परेशानी होती है। ऐसे में दोनों अस्पतालों को स्वतंत्र इकाई के रूप में संचालित करने से जिला मुख्यालय पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने पर जोर
प्रस्ताव में चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और सफाईकर्मियों के पद सृजित या स्वीकृत करने की मांग की गई है। स्त्री रोग, नवजात शिशु, बाल रोग और शल्य चिकित्सा की सुविधाएं मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही जांच, दवाओं, सर्जिकल उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं के लिए बजट उपलब्ध कराने तथा पुराने अस्पताल भवनों की मरम्मत और सुंदरीकरण कराकर सेवाएं बहाल करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने की मांग पहले भी उठ चुकी है। अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विकास गुप्ता ने शासन को पत्र भेजकर दोनों अस्पतालों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार संचालित कराने की मांग की थी। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय शासन स्तर से होना है। मंजूरी मिलने पर दोनों अस्पतालों में अलग प्रशासनिक व्यवस्था, पर्याप्त स्टाफ और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे जिला मुख्यालय और आसपास के मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से अलग कर पूर्व की तरह स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें डॉक्टरों, कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों और बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. यूबी सिंह, सीएमओ
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से अलग कर स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाना जरूरी है। इससे जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इस संबंध में शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
- डॉ. राजेश कुमार शर्मा, सीएमएस
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सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने प्रस्ताव में कहा है कि दोनों अस्पतालों के मेडिकल कॉलेज में समायोजन के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है। मरीजों की संख्या के अनुपात में विशेषज्ञ डॉक्टरों, कर्मचारियों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है।
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जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी करीब 12 किलोमीटर होने के कारण गंभीर मरीजों को वहां पहुंचाने में भी परेशानी होती है। ऐसे में दोनों अस्पतालों को स्वतंत्र इकाई के रूप में संचालित करने से जिला मुख्यालय पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने पर जोर
प्रस्ताव में चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और सफाईकर्मियों के पद सृजित या स्वीकृत करने की मांग की गई है। स्त्री रोग, नवजात शिशु, बाल रोग और शल्य चिकित्सा की सुविधाएं मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही जांच, दवाओं, सर्जिकल उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं के लिए बजट उपलब्ध कराने तथा पुराने अस्पताल भवनों की मरम्मत और सुंदरीकरण कराकर सेवाएं बहाल करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने की मांग पहले भी उठ चुकी है। अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विकास गुप्ता ने शासन को पत्र भेजकर दोनों अस्पतालों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार संचालित कराने की मांग की थी। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय शासन स्तर से होना है। मंजूरी मिलने पर दोनों अस्पतालों में अलग प्रशासनिक व्यवस्था, पर्याप्त स्टाफ और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे जिला मुख्यालय और आसपास के मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से अलग कर पूर्व की तरह स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें डॉक्टरों, कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों और बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. यूबी सिंह, सीएमओ
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से अलग कर स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाना जरूरी है। इससे जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इस संबंध में शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
- डॉ. राजेश कुमार शर्मा, सीएमएस