{"_id":"65c15110690bf0e0b60dd44b","slug":"damage-to-pulses-and-oilseed-crops-due-to-rain-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-110638-2024-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को क्षति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को क्षति
Tue, 06 Feb 2024 02:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 06 Feb 2024 02:50 AM IST
विज्ञापन
फोटो-05- अमौली में सरसों की फसल देखता किसान रामचरन पाल। संवाद
फोटो-06-थरियांव में आलू की फसल को हुआ नुकसान
फोटो-14-बौंडर क्रय केंद्र में धान की बोरियां भींगी। संवाद
फोटो-15-बारिश और ओला से दलहन की फसल पर पड़ा विपरीत असर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेमौसमी बारिश दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा गई। लाही और चना की फसलों में 30 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। अगरती आलू की फसल भी प्रभावित हुई है।
रविवार शाम से शुरू रिमझिम बारिश दूसरे दिन सोमवार की सुबह 10 बजे तक चालू रही। इस बीच सुबह छोटे-छोटे आले भी गिरे। इस बारिश से करीब 10 हेक्टेयर चना की फसल को खासा नुकसान हुआ है। चने की फसल में इस समय फूल आया हुआ है। बारिश में फूल नष्ट हो जाएगा। इसके साथ ही चने के पौध झुलस जाएंगे।
सीमा से अधिक बड़ा पौधा आने पर उसमें फल नहीं आते हैं। यही स्थिति लाही के फसल की है। लाही के फसल के भी फूल नष्ट हो जाएंगे और पकी लाही की फसल धूप निकलने पर फली फट जाएगी और दाना खेत में ही निकलकर गिर जाएंगे। अगरती आलू मिट्टी के अंदर पक चुका है। मिट्टी गीली होने से फल सड़ सकते हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होगा।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह का कहना है कि बारिश से लाही और चला की फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। गेहूं की फसल को बारिश से फायदा हुआ है।
गेहूं किसानों के लिए बारिश लाभदायक
फतेहपुर। बेमौसमी बारिश गेहूं उत्पादक किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई है। पानी खरीदकर फसल की सिचाई करने वाले किसानों की एक सिचाई का पैसा बच गया है। इससे सभी गेहूं उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे। (संवाद)
बारिश से बोरी भीगी, लाखों का हुआ नुकसान
असोथर। असोथर और बौंडर क्रय केंद्र में खुले रखी सरकारी धान तौल की लगभग 20 हजार बोरी भीग गई हैं। जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। बौंडर क्रय केंद्र में एसएमआई आशीष मिश्रा एक सप्ताह से छुट्टी में हैं। इस कारण धान के बोरे एफसीआई गोदाम व मिलर्स तक पहुंचने में देरी हुई। डिप्टी आरएमओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे जैसे मिलर्स चावल की लाट एफसीआई गोदाम भेजते हैं उसे क्रय केंद्रों से धान मिलर्स को भेजा जाता है। साथ ही खुले आसमान के नीचे धान खरीद के बोरियों को तिरपाल से ढकवाया गया है। जो कि तेज हवा के कारण खुल गए होंगे।
विज्ञापन
फोटो-06-थरियांव में आलू की फसल को हुआ नुकसान
फोटो-14-बौंडर क्रय केंद्र में धान की बोरियां भींगी। संवाद
फोटो-15-बारिश और ओला से दलहन की फसल पर पड़ा विपरीत असर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेमौसमी बारिश दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा गई। लाही और चना की फसलों में 30 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। अगरती आलू की फसल भी प्रभावित हुई है।
रविवार शाम से शुरू रिमझिम बारिश दूसरे दिन सोमवार की सुबह 10 बजे तक चालू रही। इस बीच सुबह छोटे-छोटे आले भी गिरे। इस बारिश से करीब 10 हेक्टेयर चना की फसल को खासा नुकसान हुआ है। चने की फसल में इस समय फूल आया हुआ है। बारिश में फूल नष्ट हो जाएगा। इसके साथ ही चने के पौध झुलस जाएंगे।
विज्ञापन
सीमा से अधिक बड़ा पौधा आने पर उसमें फल नहीं आते हैं। यही स्थिति लाही के फसल की है। लाही के फसल के भी फूल नष्ट हो जाएंगे और पकी लाही की फसल धूप निकलने पर फली फट जाएगी और दाना खेत में ही निकलकर गिर जाएंगे। अगरती आलू मिट्टी के अंदर पक चुका है। मिट्टी गीली होने से फल सड़ सकते हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होगा।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह का कहना है कि बारिश से लाही और चला की फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। गेहूं की फसल को बारिश से फायदा हुआ है।
गेहूं किसानों के लिए बारिश लाभदायक
फतेहपुर। बेमौसमी बारिश गेहूं उत्पादक किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई है। पानी खरीदकर फसल की सिचाई करने वाले किसानों की एक सिचाई का पैसा बच गया है। इससे सभी गेहूं उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे। (संवाद)
बारिश से बोरी भीगी, लाखों का हुआ नुकसान
असोथर। असोथर और बौंडर क्रय केंद्र में खुले रखी सरकारी धान तौल की लगभग 20 हजार बोरी भीग गई हैं। जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। बौंडर क्रय केंद्र में एसएमआई आशीष मिश्रा एक सप्ताह से छुट्टी में हैं। इस कारण धान के बोरे एफसीआई गोदाम व मिलर्स तक पहुंचने में देरी हुई। डिप्टी आरएमओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे जैसे मिलर्स चावल की लाट एफसीआई गोदाम भेजते हैं उसे क्रय केंद्रों से धान मिलर्स को भेजा जाता है। साथ ही खुले आसमान के नीचे धान खरीद के बोरियों को तिरपाल से ढकवाया गया है। जो कि तेज हवा के कारण खुल गए होंगे।