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... और पकड़ा गया ‘दाऊद का आदमी’!
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:32 AM IST
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‘दाऊद का आदमी बन कर’ रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी
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देने वाला आखिरकार पुलिस के चंगुल में फंस गया। आरोपी ने रविवार को 100
नंबर डायल कर रेलवे के साथ सिविल पुलिस को भी सकते में ला दिया था। दाऊद के
आदमी बनकर की गई काल से पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। सच्चाई सामने
आने पर सुरक्षा तंत्र ने राहत की सांस ली है।
एसपी राजीव मल्होत्रा ने सोमवार को पत्रकारों के सामने धमकी देने वाले आरोपी किशोर को पेश किया। आरोपी किशोर कक्षा दस का छात्र है और उसके पिता थरियांव क्षेत्र के किसान हैं। उन्होंने बताया कि जिस नंबर से काल की गई थी, उसमें प्रयुक्त आईडी बिंदकी इलाके की है।
पुलिस ने काल के जरिए आरोपी को खोज निकालने में जल्द ही सफलता पा ली। इसने फोन करने के बाद सिम को भी नष्ट करने का अपराध किया है। एलआईयू व इंटेलीजेंस टीम के माध्यम से पकड़े गए धमकी देने वाले किशोर से पूछताछ की जा रही है।
दोस्तों के कहने पर की काल
फतेहपुर रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने वाले किशोर ने अपनी जुबानी कुछ यूं सुनाई- कुछ दोस्त अक्सर 100 नंबर पर फोन कर कहा करते थे कि फलां जगह आग लग गई। फलां जगह झगड़ा हो गया। फलां जगह कुछ लोग एक लड़की को परेशान कर रहे हैं। यह फोन करने के बाद जब पुलिस वाले आते तो उन्हें मजा आती थी। यही देखकर उसने सोचा कि क्यों ने दाऊद का आदमी बनकर फोन किया जाए। वह घर से अपने भाई का मोबाइल लेकर गांव में घूम रहा था। दोस्तों की बात पर उसने मोबाइल से 100 नंबर पर मिलाकर यह धमकी वाला फोन किया।
गलती बताने का मौका नहीं दिया
इसे 100 नंबर की लापरवाही कहें या कुछ और। किशोर की मानें तो उसने गलती का एहसास होने पर तुरंत 100 नंबर मिलाया। वह चाहता था कि फोन उठाने वाले को बता दे कि उसने ऐसी गलती कर दी है। अफसोस किसी ने फोन उठाया ही नहीं। इसके बाद वह डर गया और सिम को तोड़कर तालाब में फेंक दिया था।
पुलिस करीब करीब ऐसे पहुंची
सर्विलांस टीम और पुलिस के सहारे धमकी देने वाले शख्स तक पहुंचा जा सका। सूत्रों ने बताया कि जिस नंबर से फोन आया था उस नंबर की डिटेल निकालकर खंगाली गई। सिम तोड़ा जा चुका था, इससे उसकी लोकेशन नहीं मिली। लिहाजा आईएमईआई नंबर का सहारा लिया गया। यह नंबर मोबाइल का इंटरनल नंबर होता है। इस नंबर के सहारे टीम सिम बेचने वाले दुकानदार और फिर आरोपी तक पहुंचे।
पिता और भाई मुंबई में करते नौकरी
पकड़े गए नाबालिग छात्र के पिता और भाई मुंबई में नौकरी करते हैं। बेटे की इस गलती से पूरा परिवार सकते में है। उन्हें बेटे के करियर और भविष्य दोनों को लेकर चिंता है। पकड़े जाने के बाद से आरोपी की मां लोगों के सामने अपने बेटे को छोड़ देने या उसकी मदद कराने के लिए गुहार लगाती रही।
एसपी राजीव मल्होत्रा ने सोमवार को पत्रकारों के सामने धमकी देने वाले आरोपी किशोर को पेश किया। आरोपी किशोर कक्षा दस का छात्र है और उसके पिता थरियांव क्षेत्र के किसान हैं। उन्होंने बताया कि जिस नंबर से काल की गई थी, उसमें प्रयुक्त आईडी बिंदकी इलाके की है।
पुलिस ने काल के जरिए आरोपी को खोज निकालने में जल्द ही सफलता पा ली। इसने फोन करने के बाद सिम को भी नष्ट करने का अपराध किया है। एलआईयू व इंटेलीजेंस टीम के माध्यम से पकड़े गए धमकी देने वाले किशोर से पूछताछ की जा रही है।
दोस्तों के कहने पर की काल
फतेहपुर रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने वाले किशोर ने अपनी जुबानी कुछ यूं सुनाई- कुछ दोस्त अक्सर 100 नंबर पर फोन कर कहा करते थे कि फलां जगह आग लग गई। फलां जगह झगड़ा हो गया। फलां जगह कुछ लोग एक लड़की को परेशान कर रहे हैं। यह फोन करने के बाद जब पुलिस वाले आते तो उन्हें मजा आती थी। यही देखकर उसने सोचा कि क्यों ने दाऊद का आदमी बनकर फोन किया जाए। वह घर से अपने भाई का मोबाइल लेकर गांव में घूम रहा था। दोस्तों की बात पर उसने मोबाइल से 100 नंबर पर मिलाकर यह धमकी वाला फोन किया।
गलती बताने का मौका नहीं दिया
इसे 100 नंबर की लापरवाही कहें या कुछ और। किशोर की मानें तो उसने गलती का एहसास होने पर तुरंत 100 नंबर मिलाया। वह चाहता था कि फोन उठाने वाले को बता दे कि उसने ऐसी गलती कर दी है। अफसोस किसी ने फोन उठाया ही नहीं। इसके बाद वह डर गया और सिम को तोड़कर तालाब में फेंक दिया था।
पुलिस करीब करीब ऐसे पहुंची
सर्विलांस टीम और पुलिस के सहारे धमकी देने वाले शख्स तक पहुंचा जा सका। सूत्रों ने बताया कि जिस नंबर से फोन आया था उस नंबर की डिटेल निकालकर खंगाली गई। सिम तोड़ा जा चुका था, इससे उसकी लोकेशन नहीं मिली। लिहाजा आईएमईआई नंबर का सहारा लिया गया। यह नंबर मोबाइल का इंटरनल नंबर होता है। इस नंबर के सहारे टीम सिम बेचने वाले दुकानदार और फिर आरोपी तक पहुंचे।
पिता और भाई मुंबई में करते नौकरी
पकड़े गए नाबालिग छात्र के पिता और भाई मुंबई में नौकरी करते हैं। बेटे की इस गलती से पूरा परिवार सकते में है। उन्हें बेटे के करियर और भविष्य दोनों को लेकर चिंता है। पकड़े जाने के बाद से आरोपी की मां लोगों के सामने अपने बेटे को छोड़ देने या उसकी मदद कराने के लिए गुहार लगाती रही।