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कारावास की खबर
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:05 AM IST
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फतेहपुर। प्रतिबंधित मांस के साथ रंगे हाथों पकड़े गए बाप-बेटों को अदालत ने तीन साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला हथगाम थाने का है। अदालत में छह साल से विचाराधीन था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेशधर दुबे की अदालत के आदेश के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
प्रकरण तीन दिसंबर वर्ष 2012, सुबह सात बजे का है। हथगाम थानाक्षेत्र के तत्कालीन उप निरीक्षक एसबी सिंह ने थानाक्षेत्र के शाहपुर गांव के नसीर और उसके बेटे सीबू व सानू को डेढ़ सौ किलो प्रतिबंधित मांस के साथ
गिरफ्तार किया था। तीनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में अपर जिला जज कोर्ट नंबर तीन राकेशधर दुबे की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय सिंह पटेल की दलीलें सुनते हुए आरोपी नसीर और उसके दोनों बेटे सीबू और सानू को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और सात-सात हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर तीनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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गो कशी में बाप-बेटों को तीन साल कैद
पुलिस ने प्रतिबंधित मांस के साथ किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रकरण तीन दिसंबर वर्ष 2012, सुबह सात बजे का है। हथगाम थानाक्षेत्र के तत्कालीन उप निरीक्षक एसबी सिंह ने थानाक्षेत्र के शाहपुर गांव के नसीर और उसके बेटे सीबू व सानू को डेढ़ सौ किलो प्रतिबंधित मांस के साथ
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गिरफ्तार किया था। तीनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में अपर जिला जज कोर्ट नंबर तीन राकेशधर दुबे की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय सिंह पटेल की दलीलें सुनते हुए आरोपी नसीर और उसके दोनों बेटे सीबू और सानू को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और सात-सात हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर तीनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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गो कशी में बाप-बेटों को तीन साल कैद
पुलिस ने प्रतिबंधित मांस के साथ किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो