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बसई मोड़ पर गूंजती रहीं घायलों की चीत्कारें
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फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के आरामपुर बसई मोड़ पर मंगलवार रात घायलों की चीत्कार गूंजती रहीं। हादसे के पीछे बस चालक की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस का मानना है कि बस चालक को ट्राली का हिस्सा दिखाई नहीं दिया है। इसी कारण बस ट्राली से टकराई। ट्रैक्टर में कई बार एक तरफ की हेडलाइट नहीं जलती है। इस वजह से सामने से आने वाले वाहन के चालक भ्रमित हो जाते हैं।
गश्त पर होने के कारण पुलिस हादसे के दस मिनट में ही पहुंच गई। इससे बस में फंसे लोगों को जल्द ही बाहर निकाला जा सका। मौके पर छह एंबुलेंस भेजी गईं। एंबुलेंस फौरन घायलों को सीएचसी लेकर पहुंची। मृतकों में दो के शव क्षत-विक्षत हालत में हो गए। पुलिस को मौके पर ट्रैक्टर बाएं साइड पर मिला। जिससे साफ हुआ कि हादसे में कहीं न कहीं लापरवाही बस चालक की थी। प्रभारी निरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि ट्रैक्टर चालक का कोई पता नहीं लगा है। हालांकि ट्रैक्टर अपने साइड पर है। बस उल्टी साइड आई है। बस कौशांबी कमलापुर के एक स्कूल की है।
बस सवार बारातियों में शामिल घायल सोहन बोला कि उसके बगल वाला बाराती मर गया। उसे वह पहचानता नहीं है। हादसे के समय खिड़की की ओर वह बैठा था। बगल वाले का पैर और शरीर ट्राली और बस की बॉडी में फंस गया था। यह देखकर वह अपना होश खो बैठा। कहीं वह खिड़की के पास बैठा होता तो उसकी जान चली जाती।
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हादसे की खबर महटेनी गांव में पहुंचते ही बारात का माहौल गमगीन हो गया। वधू का पिता रामबाबू सिर पर हाथ रखकर बैठ गया। वरपक्ष के लोग बस में सवार लोगों के फोन मिलाने लगे। किसी का भी फोन उठ नहीं रहा था। हादसे के बाद में लोग अपना सामान, मोबाइल सबकुछ भूल गए। किसी तरह रात को वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
डीएम अपूर्वा दुबे, एसपी राजेश सिंह, एएसपी राजेश कुमार घटनास्थल पहुंचे। घटनास्थल देखने के बाद हथगाम सीएचसी पहुंचे। सीएचसी के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम के निर्देश पर एडीएम और एसडीएम, सीओ सिटी पहले ही आ चुके थे। डीएम ने घायलों से मुुुलाकात की। उनका हाल-चाल जाना।
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गश्त पर होने के कारण पुलिस हादसे के दस मिनट में ही पहुंच गई। इससे बस में फंसे लोगों को जल्द ही बाहर निकाला जा सका। मौके पर छह एंबुलेंस भेजी गईं। एंबुलेंस फौरन घायलों को सीएचसी लेकर पहुंची। मृतकों में दो के शव क्षत-विक्षत हालत में हो गए। पुलिस को मौके पर ट्रैक्टर बाएं साइड पर मिला। जिससे साफ हुआ कि हादसे में कहीं न कहीं लापरवाही बस चालक की थी। प्रभारी निरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि ट्रैक्टर चालक का कोई पता नहीं लगा है। हालांकि ट्रैक्टर अपने साइड पर है। बस उल्टी साइड आई है। बस कौशांबी कमलापुर के एक स्कूल की है।
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बस सवार बारातियों में शामिल घायल सोहन बोला कि उसके बगल वाला बाराती मर गया। उसे वह पहचानता नहीं है। हादसे के समय खिड़की की ओर वह बैठा था। बगल वाले का पैर और शरीर ट्राली और बस की बॉडी में फंस गया था। यह देखकर वह अपना होश खो बैठा। कहीं वह खिड़की के पास बैठा होता तो उसकी जान चली जाती।
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हादसे की खबर महटेनी गांव में पहुंचते ही बारात का माहौल गमगीन हो गया। वधू का पिता रामबाबू सिर पर हाथ रखकर बैठ गया। वरपक्ष के लोग बस में सवार लोगों के फोन मिलाने लगे। किसी का भी फोन उठ नहीं रहा था। हादसे के बाद में लोग अपना सामान, मोबाइल सबकुछ भूल गए। किसी तरह रात को वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
डीएम अपूर्वा दुबे, एसपी राजेश सिंह, एएसपी राजेश कुमार घटनास्थल पहुंचे। घटनास्थल देखने के बाद हथगाम सीएचसी पहुंचे। सीएचसी के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम के निर्देश पर एडीएम और एसडीएम, सीओ सिटी पहले ही आ चुके थे। डीएम ने घायलों से मुुुलाकात की। उनका हाल-चाल जाना।