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हत्या में दो सगे भाई समेत चार को सात साल का कारावास
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फतेहपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो राकेशधर दुबे ने हत्या में दो सगे भाई समेत चार लोगों को सात साल कारावास और 10-10 हजार आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। मामला अदालत में नौ साल से विचाराधीन था।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के मौहारी गांव में 12 जून 2010 की रात 10 बजे दरवाजे पर सोते समय लच्छी की पुरानी रंजिश में हमला कर हत्या कर दी गई थी। बचाने में मृतक की बहू रामरानी और बेटी उर्मिला घायल हुई थीं। मामले में गाजीपुर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। बाद में अधिकारियों के दबाव पर सदर कोतवाली में लच्छी के बेटे
जगतपाल ने रामराज, धर्मराज, धनराज सगे भाई और रिश्तेदार रामकरन, दोस्त रामबाबू समेत पांच के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा की सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मराज की बीमारी से मौत हो गई थी। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद चारों को दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपियों को सात साल कारावास और 10-10 हजार का आर्थिकदंड की सजा सुनाई।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के मौहारी गांव में 12 जून 2010 की रात 10 बजे दरवाजे पर सोते समय लच्छी की पुरानी रंजिश में हमला कर हत्या कर दी गई थी। बचाने में मृतक की बहू रामरानी और बेटी उर्मिला घायल हुई थीं। मामले में गाजीपुर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। बाद में अधिकारियों के दबाव पर सदर कोतवाली में लच्छी के बेटे
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जगतपाल ने रामराज, धर्मराज, धनराज सगे भाई और रिश्तेदार रामकरन, दोस्त रामबाबू समेत पांच के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा की सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मराज की बीमारी से मौत हो गई थी। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद चारों को दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपियों को सात साल कारावास और 10-10 हजार का आर्थिकदंड की सजा सुनाई।
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