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जिले के 11 और सैंपल निगेटिव
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फतेहपुर। कोरोना के कहर से अभी तक जिला सुरक्षित है। एक के बाद एक सामने आ रहे कोरोना जांच रिपोर्ट से प्रशासन ने राहत कर सांस ली। अभी तक 131 जांच सैंपल भेजे गए। जिनमें से अब सिर्फ 22 की रिपोर्ट आनी बाकी है। हालात और अच्छे बने रहें, इसके लिए हमें सामाजिक दूरी बनाते हुए लॉकडाउन का अनुकरण करना होगा।
बुधवार से कोरोना लॉकडाउन का दूसरा चरण चालू हो गया है। यह 29 लाख की आबादी वाले जिले में अब तक कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। अभी तक विदेश से आने वाले लोगों की तादाद 380 राज्य मुख्यालय की सूची से जिला सर्विलांस टीम को मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने जरूरत के हिसाब से 131 जांच सैंपल भेजे। इनमें से शनिवार को 11 और मामलों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इस प्रकार से अब तक भेजे गए सैंपल में महज 22 की रिपोर्ट ही आनी शेष है। अभी तक जिले में एक भी केस सामने नहीं आया है लेकिन प्रशासन अपने स्तर से किसी प्रकार की ढील के मूड में नहीं है। यही वजह है कि गांव-गांव स्वास्थ्य कार्यकर्ता से राजस्व विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं। परिषदीय स्कूलों को शेल्टर हाउस में तब्दील भी किया गया है। जिला महामारी विज्ञानी डॉ. अब्दुल्ला का कहना है कि यह अच्छी स्थिति है कि अभी तक हमारा जिला सुरक्षित है। आसपास के जिले भी इस संक्रमण की जद में हैं। ऐसे में हम सबको बेहद संजीदे तरीके से काम करने की जरूरत है। ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाए जिससे सामाजिक दूरी पर असर पड़े और अब तक किए गए प्रयासों को फिर से करना पड़े।
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बुधवार से कोरोना लॉकडाउन का दूसरा चरण चालू हो गया है। यह 29 लाख की आबादी वाले जिले में अब तक कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। अभी तक विदेश से आने वाले लोगों की तादाद 380 राज्य मुख्यालय की सूची से जिला सर्विलांस टीम को मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने जरूरत के हिसाब से 131 जांच सैंपल भेजे। इनमें से शनिवार को 11 और मामलों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इस प्रकार से अब तक भेजे गए सैंपल में महज 22 की रिपोर्ट ही आनी शेष है। अभी तक जिले में एक भी केस सामने नहीं आया है लेकिन प्रशासन अपने स्तर से किसी प्रकार की ढील के मूड में नहीं है। यही वजह है कि गांव-गांव स्वास्थ्य कार्यकर्ता से राजस्व विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं। परिषदीय स्कूलों को शेल्टर हाउस में तब्दील भी किया गया है। जिला महामारी विज्ञानी डॉ. अब्दुल्ला का कहना है कि यह अच्छी स्थिति है कि अभी तक हमारा जिला सुरक्षित है। आसपास के जिले भी इस संक्रमण की जद में हैं। ऐसे में हम सबको बेहद संजीदे तरीके से काम करने की जरूरत है। ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाए जिससे सामाजिक दूरी पर असर पड़े और अब तक किए गए प्रयासों को फिर से करना पड़े।
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