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शीतलहर ने तोड़ा एक दशक का रिकार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 21 Jan 2015 12:30 AM IST
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जिले में 29 दिन से जारी शीतलहर के कहर ने एक दशक का रिकार्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को दोपहर बाद निकली धूप भी लोगों को कोई खास राहत दिलाए बिना गायब हो गई।
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माघी अमावस्या के कारण रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों में यात्रियों की भीड़ कड़ाके की ठंड से जूझती रही। नजदीकी चाय नाश्ते की दुकानों में यात्री ठंड से राहत पाने के लिए भीड़ लगाए रहे, लेकिन सर्दीली हवाएं बेहाल किए रहीं।
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जिले में 22 दिसंबर से शीतलहर का प्रकोप जारी है। पूरे 29 दिन से ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है। लोगों ने भोर को टहलना बंद कर दिया है। सड़कों पर सुबह 7 बजे के बाद ही कुछ चहल-पहल शुरू हो पाती है। इसके पहले लोग घरों में दुबके रहते हैं।
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अब तक दर्जनों लोगों को काल का ग्रास बनाने वाली ठंड ने पूरे एक दशक का रिकार्ड तोड़ा है। पिछले दस साल में लगातार 29 दिनों तक शीतलहर का प्रकोप कभी नहीं रहा। वर्ष 2005 में जरूर पूरे फरवरी महीने भर लोगों को शीत लहर से जूझना पड़ा था। इसके बाद इस बार महीने भर से लोग शीतलहर के कहर से जूझ रहे हैं और फिलहाल अभी ठंड से राहत मिलने की आसार भी नहीं दिख रहे हैं।
वर्तमान समय में अस्पतालों में ज्यादातर रोगी ठंड लगने से बीमार होने वाले हैं। इनमें वृद्ध और बच्चों की बहुतायत हैं। डाक्टरों का मानना है कि ठंड लगने से बीमार होने वालों की इतनी संख्या उन्होंने कभी नहीं देखी है। उन्होंने ठंड से बचाव करने की आम जनमानस से अपील की है।
ठंड से बचाव के लिए लोगों ने सड़कों के किनारे खड़े सूखे पेड़ जलाकर नष्ट कर दिए हैं। एक पेड़ का तना पटेलनगर चौराहे पर जल रहा है, दूसरे पेड़ का तना एलआईसी भवन के सामने धू-धू कर जल रहा है। जबकि नगर पालिका परिषद के अलाव शाम के समय जलाए जा रहे हैं और कुछ ही देर बाद लोग लकड़ियां उठा ले जाते हैं, जिससे अलाव ठंडे पड़ रहे हैं। ऐसी हालत में लोगों को ठंड से बचाव के लिए किए जा रहे उपाय सार्थक नहीं साबित हो पा रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन चंद्रप्रकाश लोधी का कहना है कि शहर के 54 सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन अलाव जलाए जा रहे हैं, लेकिन शहरवासी इस व्यवस्था में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के शहबाजपुर निवासी 45 वर्षीय सीताराम भुर्जी की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह चाट का ठेला लगाता था। सोमवार की शाम को जब घर पहुंचा तो ठंड से कांपते हुए गिर पड़ा। उसे लेकर कानपुर के हैलट अस्पतला गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।