{"_id":"637928811effbc461d026fa6","slug":"civic-fatehpur-news-knp7292058169","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं दी मजदूरी, कार्ड भी रखे अपने पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं दी मजदूरी, कार्ड भी रखे अपने पास
विज्ञापन
गढ़ा में हैंडपम्प की जांच करती ब्लॉक की टीम। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खागा। गढ़ा ग्राम पंचायत में अनियमितता की शिकायत पर जांच पूरी कर रिपोर्ट रिपोर्ट बीडीओ को सौंप दी गई है। इसमें बताया गया कि मनरेगा के तहत की गई मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। प्रधान पुत्र के पास से लोगों के जॉबकार्ड भी मिले।
गढ़ा निवासी देवचरण ने अफसरों को शिकायत की थी कि ग्राम सभा में हैंडपंप रिबोर के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये कई महीने पहले निकाले गए हैं लेकिन उनसे काम नहीं कराया गया है। इस प्रकरण में बीडीओ विजयीपुर ने एक टीम का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए थे। टीम में सहायक विकास अधिकारी शरद विक्रम, मोहम्मद हारुन और संयुक्त खंड विकास अधिकारी धनराज कोटार्य शामिल थे।
ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराए थे कि उन्हें मनरेगा के तहत की किए गए काम का भुगतान नहीं हुआ है। उनके जॉबकार्ड भी जब्त कर लिए गए है। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नई बस्ती तालाब खुदाई, संगोलीपुर नई बस्ती से मंदिर तक मिट्टी पुराई, मेन रोड से जूनियर स्कूल तक मिट्टी पुराई का काम कराया गया। जय बाबू के घर से जयपाल के घर तक मिट्टी पुराई, रामप्रीत के घर से रामभरोसे के घर तक मिट्टी पुराई, राजेंद्र प्रसाद के घर से बाबू के घर तक मिट्टी पुराई कराई गई। प्रधान व सचिव द्वारा इसका भुगतान नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
प्रधान के पति निर्मल चंद्र निषाद मजदूरों के जॉब कार्ड अपने घर पर रखे थे। जांच के समय प्रधान के पुत्र अरविंद निषाद ने टीम के सामने जॉबकार्ड प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
गढ़ा निवासी देवचरण ने अफसरों को शिकायत की थी कि ग्राम सभा में हैंडपंप रिबोर के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये कई महीने पहले निकाले गए हैं लेकिन उनसे काम नहीं कराया गया है। इस प्रकरण में बीडीओ विजयीपुर ने एक टीम का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए थे। टीम में सहायक विकास अधिकारी शरद विक्रम, मोहम्मद हारुन और संयुक्त खंड विकास अधिकारी धनराज कोटार्य शामिल थे।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराए थे कि उन्हें मनरेगा के तहत की किए गए काम का भुगतान नहीं हुआ है। उनके जॉबकार्ड भी जब्त कर लिए गए है। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नई बस्ती तालाब खुदाई, संगोलीपुर नई बस्ती से मंदिर तक मिट्टी पुराई, मेन रोड से जूनियर स्कूल तक मिट्टी पुराई का काम कराया गया। जय बाबू के घर से जयपाल के घर तक मिट्टी पुराई, रामप्रीत के घर से रामभरोसे के घर तक मिट्टी पुराई, राजेंद्र प्रसाद के घर से बाबू के घर तक मिट्टी पुराई कराई गई। प्रधान व सचिव द्वारा इसका भुगतान नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
प्रधान के पति निर्मल चंद्र निषाद मजदूरों के जॉब कार्ड अपने घर पर रखे थे। जांच के समय प्रधान के पुत्र अरविंद निषाद ने टीम के सामने जॉबकार्ड प्रस्तुत किए।