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बढ़ता रहा पारा, गर्मी से हर कोई हारा
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छुट्टी के बाद छाता लेकर मां के साथ जाते बच्चे। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। सोमवार को भी सुबह से धूप अपने तेवर दिखाने लगी। पारा 44 डिग्री पर पहुंच गया। गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल रहा। बाजारों और सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वायुदाब में कमी का स्तर कम होने से हवा की गति बढ़ रही है। इसलिए मंगलवार को धूल भरी आंधी की संभावना है। आसमान में बादल भी छाए रहेंगे।
शनिवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और रविवार को 47 डिग्री सेल्सियस पारा रिकार्ड किया गया। न्यूनतम पारा भी 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। रात में भी गरम हवाओं के थपेड़ों का अहसास हुआ। दो दिन से आसमान साफ होने पर धूप तेज हुई तो आर्द्रता में कमी आने से गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। अवकाश के दिन भी अधिकांश लोग सुबह से शाम तक घरों में बने रहे। इस कारण बाजार में सड़कों से लेकर दुकानों तक सूनापन हावी रहा।
मौसम विशेषज्ञ वसीम खान ने किसानों को सलाह दी है कि जायद की खड़ी फसलों में सात से आठ दिनों के अंतराल में सुबह और शाम के समय हवा के शांत रहने पर हल्की सिंचाई करें। पशुओं को छायादार स्थानों में बांधें। पशुशाला में बोरे के पर्दे लगाएं और उस पर पानी का छिड़काव कर ठंडा रखें। पशुओं को पीने के लिए दिन में तीन से चार बार ताजा और शुद्ध पानी उपलब्ध कराएं।
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भीषण गर्मी में स्कूल लौटते समय बच्चे झुलस रहे हैं। नौनिहालों के बीमार होना का खतरा पैदा हो गया है। निजी स्कूलों में तो पंखे की व्यवस्था है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में ज्यादा दिक्कत है। बहुतायत परिषदीय स्कूलों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। कुछ में कनेक्शन है तो कटौती के कारण पंखे नहीं चल पा रहे। दो दिन पहले ऐरायां ब्लाक प्राथमिक स्कूल नयापुरवा में कक्षा एक छात्रा आज्ञा बेहोश हो गई थी। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि 20 मई के पहले स्कूल बंद कराना अधिकार क्षेत्र में नहीं है। विशेष परिस्थिति में स्कूल बंद करने का अधिकार सिर्फ जिलाधिकारी को है। वह स्वयं कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और रविवार को 47 डिग्री सेल्सियस पारा रिकार्ड किया गया। न्यूनतम पारा भी 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। रात में भी गरम हवाओं के थपेड़ों का अहसास हुआ। दो दिन से आसमान साफ होने पर धूप तेज हुई तो आर्द्रता में कमी आने से गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। अवकाश के दिन भी अधिकांश लोग सुबह से शाम तक घरों में बने रहे। इस कारण बाजार में सड़कों से लेकर दुकानों तक सूनापन हावी रहा।
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मौसम विशेषज्ञ वसीम खान ने किसानों को सलाह दी है कि जायद की खड़ी फसलों में सात से आठ दिनों के अंतराल में सुबह और शाम के समय हवा के शांत रहने पर हल्की सिंचाई करें। पशुओं को छायादार स्थानों में बांधें। पशुशाला में बोरे के पर्दे लगाएं और उस पर पानी का छिड़काव कर ठंडा रखें। पशुओं को पीने के लिए दिन में तीन से चार बार ताजा और शुद्ध पानी उपलब्ध कराएं।
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भीषण गर्मी में स्कूल लौटते समय बच्चे झुलस रहे हैं। नौनिहालों के बीमार होना का खतरा पैदा हो गया है। निजी स्कूलों में तो पंखे की व्यवस्था है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में ज्यादा दिक्कत है। बहुतायत परिषदीय स्कूलों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। कुछ में कनेक्शन है तो कटौती के कारण पंखे नहीं चल पा रहे। दो दिन पहले ऐरायां ब्लाक प्राथमिक स्कूल नयापुरवा में कक्षा एक छात्रा आज्ञा बेहोश हो गई थी। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि 20 मई के पहले स्कूल बंद कराना अधिकार क्षेत्र में नहीं है। विशेष परिस्थिति में स्कूल बंद करने का अधिकार सिर्फ जिलाधिकारी को है। वह स्वयं कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं।