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पंजीयन तीन हजार, सत्यापन सिर्फ चार सौ
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फतेहपुर। सरकारी खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने के लिए किसानों द्वारा कराए गए पंजीयन के सत्यापन की रफ्तार धीमी है। खरीद शुरू हुए दो दिन बीत गए और हालत ये है कि पंजीयन कराए करीब तीन हजार किसानों में से सिर्फ 400 का सत्यापन हुआ है। 26 सौ किसानों का सत्यापन लंबित है। बिना सत्यापन के किसान गेहूं नहीं बेच सकते हैं।
किसानों का गेहूं खरीदने के लिए चार संस्थाओं के जिले में 49 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए शासन ने एक महीना पहले से पंजीयन का पोर्टल खोल दिया था। साथ ही पंजीयन के 72 घंटे में ही संबंधित अधिकारियों को सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले के तीन हजार किसान खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीयन करा चुके हैं।
जो किसान फसलों को काट कर गेहूं बेचने की सोच रहे हैं, उनको सत्यापन की चिंता सताने लगी है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि हाटशाखा के 21 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, पीसीएफ के 23, यूपीएसएस के चार और भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र बनाया गया है। इनमें केंद्र प्रभारी भी तैनात कर दिया गया है लेकिन अभी किसानों का गेहूं नहीं आ रहा है। जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन के बाद सत्यापन होगा, उन्हीं के गेहूं की तौल कराई जाएगी।
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अभी कुछ किसानों ने गेहूं की फसल काटने का काम शुरू किया है। जिन किसानों का 100 क्विंटल से अधिक का पंजीयन है, उनका स्थलीय सत्यापन किया जाएगा और जिनका 100 क्विंटल से कम पंजीयन है, उनके खतौनी के आधार पर सत्यापन होगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई। जब गेहूं कटने से पूर्व ही सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-- प्रमोद झा, उप जिलाधिकारी सदर
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किसानों का गेहूं खरीदने के लिए चार संस्थाओं के जिले में 49 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए शासन ने एक महीना पहले से पंजीयन का पोर्टल खोल दिया था। साथ ही पंजीयन के 72 घंटे में ही संबंधित अधिकारियों को सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले के तीन हजार किसान खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीयन करा चुके हैं।
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जो किसान फसलों को काट कर गेहूं बेचने की सोच रहे हैं, उनको सत्यापन की चिंता सताने लगी है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि हाटशाखा के 21 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, पीसीएफ के 23, यूपीएसएस के चार और भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र बनाया गया है। इनमें केंद्र प्रभारी भी तैनात कर दिया गया है लेकिन अभी किसानों का गेहूं नहीं आ रहा है। जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन के बाद सत्यापन होगा, उन्हीं के गेहूं की तौल कराई जाएगी।
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अभी कुछ किसानों ने गेहूं की फसल काटने का काम शुरू किया है। जिन किसानों का 100 क्विंटल से अधिक का पंजीयन है, उनका स्थलीय सत्यापन किया जाएगा और जिनका 100 क्विंटल से कम पंजीयन है, उनके खतौनी के आधार पर सत्यापन होगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई। जब गेहूं कटने से पूर्व ही सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-- प्रमोद झा, उप जिलाधिकारी सदर