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बंदी बेअसर, नहीं गिरे दुकानों के शटर
अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:31 AM IST
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बाकरगंज का खुला बाजार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी को घेरने के लिए विपक्ष की सोमवार को घोषित बाजारबंदी बेअसर साबित हुई। फुटपाथ में सजी दुकानों से लेकर शोरूम तक खुले। हर छोटी और बड़ी बाजार खरीदारों से गुलजार नजर आई। व्यापारियों और कारोबारियों ने भारत बंद के आह्वान को सिरे से खारिज कर दिया।
इससे सोमवार को मोदी सरकार के खिलाफ यह विरोध फुस्स हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के फैसले का विरोध दर्ज कराने के लिए विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आह्वान व समर्थन किया था।
इस ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा था कि शायद सोमवार का पहला दिन रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कत जाएगी, जबकि ऐसा नहीं हुआ। रात भर बंदी कराने के बुने गए ताने-बाने पर पौ फटते ही पानी फिरना शुरू हो गया। फुटपाथ पर दुकानें सज गईं। नामचीन बाजारों की दुकानों ने भी शटर उठा दिए। मॉल्स भी खुले। चौक बाजार, हरिहरगंज बाजार, कलक्टगंज बाजार, आबूनगर, ज्वालागंज, बाकरगंज, लालाबाजार, देवीगंज बाजार, राधानगर समेत शहर भर में भारत बंद पूरी तरह से फ्लाप रहा।
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इससे सोमवार को मोदी सरकार के खिलाफ यह विरोध फुस्स हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के फैसले का विरोध दर्ज कराने के लिए विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आह्वान व समर्थन किया था।
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इस ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा था कि शायद सोमवार का पहला दिन रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कत जाएगी, जबकि ऐसा नहीं हुआ। रात भर बंदी कराने के बुने गए ताने-बाने पर पौ फटते ही पानी फिरना शुरू हो गया। फुटपाथ पर दुकानें सज गईं। नामचीन बाजारों की दुकानों ने भी शटर उठा दिए। मॉल्स भी खुले। चौक बाजार, हरिहरगंज बाजार, कलक्टगंज बाजार, आबूनगर, ज्वालागंज, बाकरगंज, लालाबाजार, देवीगंज बाजार, राधानगर समेत शहर भर में भारत बंद पूरी तरह से फ्लाप रहा।
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