{"_id":"57b8b5aa4f1c1b8f636ec225","slug":"brothers-including-car-dealer-in-flood-flow","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ में कार सहित बहे व्यापारी बंधु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ में कार सहित बहे व्यापारी बंधु
अमर उजाला/फतेहपुर
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ की आशंका से नाव से सुरक्षित स्थान पर जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर से बांदा लौट रहे कपड़ा कारोबारी यमुना नदी के बाढ़ में कार समेत बहने लगे। पुलिस के सही वक्त पर पहुंच जाने से दोनों की जान बच गई। दोनों भाइयों को क्रेन की मदद से निकाल लिया गया। देर रात तक उनकी कार बाढ़ में फंसी रही।
अतर्रा के कपड़ा व्यापारी मनीष अग्रवाल अपने छोटे भाई सतीश अग्रवाल के साथ शनिवार रात करीब नौ बजे कानपुर से लौट रहे थे। ललौली-मुत्तौर मार्ग पर ललौली कस्बे से आगे सड़क पर बह रहे यमुना के पानी से होकर वे कार निकालने लगे।
इस दौरान पानी का बहाव तेज होने की वजह से कार बहने लगी। यह देख मनीष ने मोबाइल से डायल 100 पर रिंग कर बचाव की गुहार लगाई। थोड़ी देर बाद ही बहुआ पुलिस मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से रस्सी डालकर दोनों भाइयों को बाहर निकाला। देर रात तक कार को निकालने की कोशिश चलती रही।
विज्ञापन
दोनों भाइयों के बदहवास होने की वजह से पुलिस उन्हें थाने ले गई। कुछ देर बाद वे सामान्य हुए तो परिजनों को सूचना दी गई। मनीष ने बताया कि सुबह जब वे कानपुर जा रहे थे तो रास्ते पर पानी नहीं था। इस वजह से लौटते वक्त पानी का अंदाजा नहीं लगा। उन्हें ऐसा लगा कि मामूली पानी बह रहा है।
विज्ञापन
अतर्रा के कपड़ा व्यापारी मनीष अग्रवाल अपने छोटे भाई सतीश अग्रवाल के साथ शनिवार रात करीब नौ बजे कानपुर से लौट रहे थे। ललौली-मुत्तौर मार्ग पर ललौली कस्बे से आगे सड़क पर बह रहे यमुना के पानी से होकर वे कार निकालने लगे।
विज्ञापन
इस दौरान पानी का बहाव तेज होने की वजह से कार बहने लगी। यह देख मनीष ने मोबाइल से डायल 100 पर रिंग कर बचाव की गुहार लगाई। थोड़ी देर बाद ही बहुआ पुलिस मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से रस्सी डालकर दोनों भाइयों को बाहर निकाला। देर रात तक कार को निकालने की कोशिश चलती रही।
विज्ञापन
दोनों भाइयों के बदहवास होने की वजह से पुलिस उन्हें थाने ले गई। कुछ देर बाद वे सामान्य हुए तो परिजनों को सूचना दी गई। मनीष ने बताया कि सुबह जब वे कानपुर जा रहे थे तो रास्ते पर पानी नहीं था। इस वजह से लौटते वक्त पानी का अंदाजा नहीं लगा। उन्हें ऐसा लगा कि मामूली पानी बह रहा है।