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Fatehpur News: रेफर सेंटर बनकर रह गया बिंदकी सीएचसी
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बिंदकी। सीएचसी में बेहतर सुविधाएं देने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा। डॉक्टरों की कमी के चलते सीएचसी में आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल या हैलट कानपुर का रास्ता दिखाया जाता है। इससे कई बार मरीजों को परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।
सीएचसी में मरीजों को भर्ती करने के लिए 50 बेड की सुविधा है। हर बेड पर ऑक्सीजन के लिए पाइपलाइन सहित 200 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं देने की सीएचसी स्तर पर कई सुविधाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतिदिन मरीजों के रेफर होने की संख्या नहीं घट रही। 21 जुलाई से पांच अगस्त के बीच 15 दिन में 60 से अधिक मरीजों को जिला और कानपुर हैलट के लिए रेफर किया गया है। एक सप्ताह के भीतर 31 से अधिक मरीज रेफर किए गए हैं। इसमें 31 तारीख को सबसे अधिक आठ मरीज रेफर किए गए हैं। जिम्मेदारों की माने तो हड्डी का डॉक्टर न होने के कारण फ्रैक्चर और हड्डी से संबंधित मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी स्तर पर वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण ट्रामा, सांस के गंभीर मरीज और दुर्घटना से संबंधित अधिक घायल मरीजों को रेफर करना पड़ता है। अन्य बीमारियों से संबंधित मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराकर सीएचसी स्तर पर ही ठीक करने का प्रयास करते हैं।
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सीएचसी में मरीजों को भर्ती करने के लिए 50 बेड की सुविधा है। हर बेड पर ऑक्सीजन के लिए पाइपलाइन सहित 200 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं देने की सीएचसी स्तर पर कई सुविधाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतिदिन मरीजों के रेफर होने की संख्या नहीं घट रही। 21 जुलाई से पांच अगस्त के बीच 15 दिन में 60 से अधिक मरीजों को जिला और कानपुर हैलट के लिए रेफर किया गया है। एक सप्ताह के भीतर 31 से अधिक मरीज रेफर किए गए हैं। इसमें 31 तारीख को सबसे अधिक आठ मरीज रेफर किए गए हैं। जिम्मेदारों की माने तो हड्डी का डॉक्टर न होने के कारण फ्रैक्चर और हड्डी से संबंधित मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
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अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी स्तर पर वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण ट्रामा, सांस के गंभीर मरीज और दुर्घटना से संबंधित अधिक घायल मरीजों को रेफर करना पड़ता है। अन्य बीमारियों से संबंधित मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराकर सीएचसी स्तर पर ही ठीक करने का प्रयास करते हैं।
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