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अब अंगूठा लगाकर छात्र- छात्रा देंगे अटेंडेंस
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:47 AM IST
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जुलाई महीने से राजकीय और एडेड माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने और पढ़ाने वाले दोनों लोगों को अंगूठे से अपनी हाजिरी लगानी होगी। इसके लिए बायोमैट्रिक मशीन अनिवार्य कर दी है। यही व्यवस्था वित्तविहीन स्कूलों में भी लागू करने की योजना है। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले बच्चे बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।
जिले में सात राजकीय इंटर कालेज और 33 राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल और 72 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं। अभी तक इन स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज होती है। ऐसे में शिक्षकों के आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। इन संस्थानों में बच्चों की उपस्थिति भी दयनीय रहती है। इसी वजह से इन शिक्षण संस्थाओं का बोर्ड परीक्षा परिणाम नीचे गिरता जा रहा है। इस बात को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। व्यवस्था सुधारने को विभाग ने पहला कदम शिक्षक और बच्चों की उपस्थिति के बारे में उठाया है। निदेशालय से पत्र जारी कर कहा गया है कि जुलाई से राजकीय और एडेड विद्यालयों में शिक्षक बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति तय की जानी है।
सभी को स्कूल पहुंचने और स्कूल से जाने के समय बायोमैट्रिक पद्धति से उपस्थिति दर्ज कराने का नियम बनाया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अमान्य विद्यालयों के खिलाफ भी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह से स्कूलों में छापेमारी की जाएगी। बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और ऐसे स्कूलों के पंजीकरण वाले स्कूलों की मान्यता खत्म होगी। डीआईओएस नंदलाल यादव ने बताया कि कुछ नई व्यवस्था सुझाई गई हैं, इनका पालन जिले में कराया जाएगा।
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जिले में सात राजकीय इंटर कालेज और 33 राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल और 72 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं। अभी तक इन स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज होती है। ऐसे में शिक्षकों के आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। इन संस्थानों में बच्चों की उपस्थिति भी दयनीय रहती है। इसी वजह से इन शिक्षण संस्थाओं का बोर्ड परीक्षा परिणाम नीचे गिरता जा रहा है। इस बात को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। व्यवस्था सुधारने को विभाग ने पहला कदम शिक्षक और बच्चों की उपस्थिति के बारे में उठाया है। निदेशालय से पत्र जारी कर कहा गया है कि जुलाई से राजकीय और एडेड विद्यालयों में शिक्षक बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति तय की जानी है।
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सभी को स्कूल पहुंचने और स्कूल से जाने के समय बायोमैट्रिक पद्धति से उपस्थिति दर्ज कराने का नियम बनाया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अमान्य विद्यालयों के खिलाफ भी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह से स्कूलों में छापेमारी की जाएगी। बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और ऐसे स्कूलों के पंजीकरण वाले स्कूलों की मान्यता खत्म होगी। डीआईओएस नंदलाल यादव ने बताया कि कुछ नई व्यवस्था सुझाई गई हैं, इनका पालन जिले में कराया जाएगा।
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