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चुनावी मुद्दों में गुम हो चुका है हवाई अड्डा
Thu, 04 Apr 2019 12:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चुनावी सीजन में जिले के लोगों को एक नहीं कई बड़े सपने दिखाए गए। शहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट की तरह ही करीब तीस साल पहले शहर सीमा से जुड़ी जमीन पर हवाई अड्डा निर्माण 1989 के लोकसभा चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने किया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद हवाई अड्डा के निर्माण समेत कई बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत भी हुई, लेकिन अल्पकाल में सरकार गिरते ही एक भी परियोजना परवान न चढ़ सकी। वर्तमान समय में जिले में सिर्फ दो राजकीय महिला महाविद्यालय ही वीपी सिंह सरकार की पहचान हैं।
जिले में हवाई अड्डा निर्माण के लिए जमीन आवंटित है। यह जमीन नगर पालिका क्षेत्र में मदारीपुर और बड़े पुल के मध्य स्थित है। 1989 में वीपीसी सिंह यहां से सांसद चुनकर प्रधानमंत्री बने। उन्होंने फतेहपुर और बिंदकी में राजकीय महिला महाविद्यालय, आदर्श रेलवे स्टेशन का निर्माण, हवाई अड्डा निर्माण, सीवर लाइन की निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इन सभी परियोजनाओं में अभिलेखीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। राजकीय महिला महाविद्यालय में बजट का आवंटन होने बाद निर्माण भी प्रारंभ हो गया था। हवाई अड्डा, सीवर लाइन और रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए बजट का आवंटन भी हो गया था। कुछ महीने के कार्यकाल में सरकार गिर गई और बलिया सांसद चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बदलते ही सीवर लाइन, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा निर्माण का बजट बलिया भेज दिया गया। ऐसे में अभी तक हवाई अड्डा की जमीन खाली पड़ी है। खास बात तो यह है कि इन सभी परियोजनाओं को जनप्रतिनिधि भूल भी चुके हैं। वर्तमान समय में हवाई अड्डे के नाम की इस जमीन का मवेशी चराने के लिए उपयोग हो रहा है।
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जिले में हवाई अड्डा निर्माण के लिए जमीन आवंटित है। यह जमीन नगर पालिका क्षेत्र में मदारीपुर और बड़े पुल के मध्य स्थित है। 1989 में वीपीसी सिंह यहां से सांसद चुनकर प्रधानमंत्री बने। उन्होंने फतेहपुर और बिंदकी में राजकीय महिला महाविद्यालय, आदर्श रेलवे स्टेशन का निर्माण, हवाई अड्डा निर्माण, सीवर लाइन की निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इन सभी परियोजनाओं में अभिलेखीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। राजकीय महिला महाविद्यालय में बजट का आवंटन होने बाद निर्माण भी प्रारंभ हो गया था। हवाई अड्डा, सीवर लाइन और रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए बजट का आवंटन भी हो गया था। कुछ महीने के कार्यकाल में सरकार गिर गई और बलिया सांसद चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बदलते ही सीवर लाइन, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा निर्माण का बजट बलिया भेज दिया गया। ऐसे में अभी तक हवाई अड्डा की जमीन खाली पड़ी है। खास बात तो यह है कि इन सभी परियोजनाओं को जनप्रतिनिधि भूल भी चुके हैं। वर्तमान समय में हवाई अड्डे के नाम की इस जमीन का मवेशी चराने के लिए उपयोग हो रहा है।
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