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Fatehpur News: दुष्कर्म और वीडियो वायरल का अभियुक्त सभी आरोपों से बरी
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फतेहपुर। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो वायरल करने के अभियुक्त पंकज यादव को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अशोक कुमार ने सोमवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में युवती के पिता के खिलाफ पुलिस को विचारण के आदेश भी दिए हैं।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के ही एक गांव की युवती के पिता ने नौ जुलाई 2025 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जगतपुर गांडा गांव निवासी पंकज यादव ने पुत्री को शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील वीडियो बना लिया।
पुत्री के शादी की बात कहने पर अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। पुलिस ने युवती का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान युवती, उसके पिता और मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट में गवाही दी।
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युवती ने बयान दिया कि पंकज से प्रेम प्रसंग नहीं था और पंकज ने उसका कोई अश्लील वीडियो बनाकर वायरल नहीं किया। उसने बताया कि लोगों के बहकावे में आकर पिता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट ने युवती के बयान को आधार मानते हुए पंकज को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही गलत साक्ष्य और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में युवती के पिता के खिलाफ पुलिस को विचारण के आदेश दिए।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के ही एक गांव की युवती के पिता ने नौ जुलाई 2025 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जगतपुर गांडा गांव निवासी पंकज यादव ने पुत्री को शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील वीडियो बना लिया।
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पुत्री के शादी की बात कहने पर अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। पुलिस ने युवती का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान युवती, उसके पिता और मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट में गवाही दी।
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युवती ने बयान दिया कि पंकज से प्रेम प्रसंग नहीं था और पंकज ने उसका कोई अश्लील वीडियो बनाकर वायरल नहीं किया। उसने बताया कि लोगों के बहकावे में आकर पिता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट ने युवती के बयान को आधार मानते हुए पंकज को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही गलत साक्ष्य और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में युवती के पिता के खिलाफ पुलिस को विचारण के आदेश दिए।