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जहर खाने से चार बच्चों की मां की मौत
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हसवा (फतेहपुर)। थरियांव थाना क्षेत्र के सुधवां गांव की महिला ने पति से विवाद के बाद जहर खा लिया। अस्पताल में कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई ने बताया कि एक माह पहले भी बहनोई ने बहन को मारने का प्रयास किया था। हालांकि बाद में पंचायत में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
थरियांव थाने के रसूलपुर ख्वाजापुर मजरे सचौली गांव निवासी शिवबोधन की बेटी शारदा (35) की शादी 13 साल पहले सुधवां गांव निवासी सुरेश के साथ हुई थी। सुरेश अपनी पत्नी शारदा को सात दिन पहले बहन श्यामा देवी पत्नी आशाराम निवासी रामादेवी कानपुर के घर लेकर गया था। पति ने बताया कि शारदा से रविवार की शाम
रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। जिसके उसने बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। कानुपर के एक निजी अस्पताल में इलाज के कुछ घंटे बाद ही शारदा की सांसे थम गई। भाई संदीप ने बताया कि बहन की मरने की सूचना मृतका के
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ससुरालवालों ने नहीं दी थी। रिश्तेदारों के जरिए उन्हें सुबह तीन बजे सूचना मिली। संदीप ने बताया कि बहनोई शराब का लती है और गांव में मजदूरी करता है। कानपुर में बहन को मारा पीटा गया है। तभी बहन की जान गई है।
एक माह पहले बहन को जिंदा जलाने देने की कोशिश की थी। थाने में मामले की शिकायत की गई थी। घटना के बाद मायके वाले शारदा को बुला लाए थे। बाद में सुरेश दोबारा ऐसी हरकत न करने की बात पर वापस ले गया था।
इसी घर में सुरेश के छोटे भाई रमेश से छोटी बहन आशा देवी की भी शादी हुई है। मगर वह दोनों भाई अलग-अलग घरो में रहते है। शारदा के सूरज (12), राजरानी (8), गुंडा (6), तीन साल के गोलू, चार बच्चे
हैं। मां की मौत के बाद सभी का हाल बेहाल हो गया है। मगर घटना के बाद रिश्तेदारों होने के कारण कुछ लोगों ने ससुराल और मायके पक्ष के बीच पंचायत कराई। पंचायत के दौरान बच्चों की देखभाल के लिए सुरेश की संपत्ति
का बैनामा करने की मांग हुई। इसी बात पर समझौता हुआ। बगैर किसी के आरोप की तहरीर दी गई। चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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थरियांव थाने के रसूलपुर ख्वाजापुर मजरे सचौली गांव निवासी शिवबोधन की बेटी शारदा (35) की शादी 13 साल पहले सुधवां गांव निवासी सुरेश के साथ हुई थी। सुरेश अपनी पत्नी शारदा को सात दिन पहले बहन श्यामा देवी पत्नी आशाराम निवासी रामादेवी कानपुर के घर लेकर गया था। पति ने बताया कि शारदा से रविवार की शाम
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रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। जिसके उसने बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। कानुपर के एक निजी अस्पताल में इलाज के कुछ घंटे बाद ही शारदा की सांसे थम गई। भाई संदीप ने बताया कि बहन की मरने की सूचना मृतका के
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ससुरालवालों ने नहीं दी थी। रिश्तेदारों के जरिए उन्हें सुबह तीन बजे सूचना मिली। संदीप ने बताया कि बहनोई शराब का लती है और गांव में मजदूरी करता है। कानपुर में बहन को मारा पीटा गया है। तभी बहन की जान गई है।
एक माह पहले बहन को जिंदा जलाने देने की कोशिश की थी। थाने में मामले की शिकायत की गई थी। घटना के बाद मायके वाले शारदा को बुला लाए थे। बाद में सुरेश दोबारा ऐसी हरकत न करने की बात पर वापस ले गया था।
इसी घर में सुरेश के छोटे भाई रमेश से छोटी बहन आशा देवी की भी शादी हुई है। मगर वह दोनों भाई अलग-अलग घरो में रहते है। शारदा के सूरज (12), राजरानी (8), गुंडा (6), तीन साल के गोलू, चार बच्चे
हैं। मां की मौत के बाद सभी का हाल बेहाल हो गया है। मगर घटना के बाद रिश्तेदारों होने के कारण कुछ लोगों ने ससुराल और मायके पक्ष के बीच पंचायत कराई। पंचायत के दौरान बच्चों की देखभाल के लिए सुरेश की संपत्ति
का बैनामा करने की मांग हुई। इसी बात पर समझौता हुआ। बगैर किसी के आरोप की तहरीर दी गई। चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।