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50 फीसदी नलकूप बंद
फतेहपुर
Updated Sat, 27 May 2017 12:30 AM IST
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सिंचाई नहर
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र के राजकीय नलकूपों की मरम्मत में हर साल लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। नलकूपों के बंद होने की संख्या रोज बढ़ती जा रही है। इससे मुफ्त सिंचाई योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है।
तहसील क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए 231 राजकीय नलकूप लगे हैं। राजस्व विभाग की टीम के सत्यापन में 109 नलकूप यांत्रिक और बिजली की खराबी से बंद मिले। इनमें खागा कानूनगो सर्किल में 16 राजकीय नलकूप में से नौ , ऐरायां सर्किल में 20 में से चार, हथगाम में पांच में से तीन, कोतला में पांच, खखरेरू में 73 में से 48, धाता में 20 में से 15, मंझनपुर में 44 में से 13, विजयीपुर में 48 में से 27 राजकीय नलकूप बंद हैं।
रसूलपुर भंडरा, ऐलई, हरदो, आलमपुर गेरिया, सुदेशरा, कोट, बसवा, अन्दमऊ, कछरा, रारी, ठेकतारा, सिठियानी, भखन्ना, पेरी, सोथरापुर, टेसाही बुजुर्ग समेत करीब 60 गांवों के नलकूप तीन साल से बंद हैं। अधिशासी अभियंता अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि नलकूपों की मरम्मत कराई जाती है। जलस्तर घटने के साथ ही तकनीकी खराबी अधिक बढ़ गई है। लो-वोल्टज की वजह से नलकूप की मोटरें अधिक फुंक रही हैं। बिजली से बंद नलकूपों की सूची डीएम को भेजी गई है।
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तहसील क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए 231 राजकीय नलकूप लगे हैं। राजस्व विभाग की टीम के सत्यापन में 109 नलकूप यांत्रिक और बिजली की खराबी से बंद मिले। इनमें खागा कानूनगो सर्किल में 16 राजकीय नलकूप में से नौ , ऐरायां सर्किल में 20 में से चार, हथगाम में पांच में से तीन, कोतला में पांच, खखरेरू में 73 में से 48, धाता में 20 में से 15, मंझनपुर में 44 में से 13, विजयीपुर में 48 में से 27 राजकीय नलकूप बंद हैं।
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रसूलपुर भंडरा, ऐलई, हरदो, आलमपुर गेरिया, सुदेशरा, कोट, बसवा, अन्दमऊ, कछरा, रारी, ठेकतारा, सिठियानी, भखन्ना, पेरी, सोथरापुर, टेसाही बुजुर्ग समेत करीब 60 गांवों के नलकूप तीन साल से बंद हैं। अधिशासी अभियंता अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि नलकूपों की मरम्मत कराई जाती है। जलस्तर घटने के साथ ही तकनीकी खराबी अधिक बढ़ गई है। लो-वोल्टज की वजह से नलकूप की मोटरें अधिक फुंक रही हैं। बिजली से बंद नलकूपों की सूची डीएम को भेजी गई है।
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