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निचली गंगा नहर डोर-टू-डोर का किया निरीक्षण
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सिंचाई विभाग की टीम ने शुक्रवार को निचली गंगा नहर का निरीक्षण किया। टेल तक पानी पहुंचाने के लिए डोर-टू-डोर नहर में लगे गेट देखे और बंद गेट खुलवाए। रजबहे व माइनरों में बह रहे पानी को बंद कराया।
डीएम के निर्देश पर निचली गंगा नहर में चार टीम गठित की गई। इसमें अधिशासी अभियंता वैभव सिंह टीम के साथ कानपुर बार्डर से निरीक्षण शुरू किया। पहले कानपुर बार्डर (मील 19.5) में लगे गेट को देखा। फिर मील 37 और बहुआ में लगे गेट को देखा। गंभरी गांव के पास नहर में गेट बंद मिला। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि नहर की टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। नहर के हेड की माइनर व रजबहों को रोस्टर के अधिक पानी मिल जाता है। टेल की माइनर व रजबहों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। कानपुर बार्डर से जितने भी रजबहे व माइनर हैं सभी के गेट बंद कराकर पानी को टेल तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसमें चारों उपखंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं को लगाया गया है। निरीक्षण में सहायक अभियंता दुर्गेश गर्ग, एसएन तिवारी, राजेश सिंह मौजूद रहे।
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फतेहपुर। निचली गंगा नहर में रोस्टर से 90 क्यूसेक अधिक पानी आने लगा है। शुक्रवार को कानपुर बार्डर (मील 19.5) पर 1230 क्यूसेक पानी आने की रिपोर्ट मिली। रोस्टर के अनुसार मंगलवार को 1139 क्यूसेक पानी होना चाहिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध कुलाबा लगाने वाले किसानों पर कसा गया सिंकजे का लाभ अब मिलना शुरू हो गया है। बर्बाद होने वाले नहर के पानी की बचत होनी शुरू हो गई है। नहर में पानी भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि पानी की देखरेख में टीम भी लगा दी है। यही वजह है कि निचली गंगा नहर के रोस्टर में 90 क्यूसेक पानी अधिक मिलने लगा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिस माइनर, रजबहा में जितने हेक्टेयर फसलों की सिंचाई का लक्ष्य है, उतना किसानों को पानी दिया जाएगा। इससे नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंच जाएगा और टेल के किसान भी सिंचाई कर सकेंगे।
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