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दो बार डीपीआर नामंजूर, तीसरी बार फिर दिया मौका
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जलनिगम की हीलाहवाली से सीवर लाइन निर्माण में विलंब हो रहा है। शासन ने मानक के अनुरूप डिटेल प्लान रिपोर्ट (डीपीआर) न बनने पर उसे दो बार नामंजूर कर दिया है। अब तीसरी बार फिर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ताज्जुब है कि जलनिगम एक साल से सही डीपीआर नहीं बना पा रहा है।
अमृत योजना के तहत सिंतबर 2016 में शहर में सीवर लाइन निर्माण की मंजूरी मिली थी। इसके लिए जलनिगम को डीपीआर तैयार कर भेजने के लिए निर्देश जारी हुए थे। इतना नहीं डीपीआर तैयार करने के लिए शासन ने जलनिगम को इस्टीमेट राशि भी भेज दी थी। इस कार्य में साल भर से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन अभी तक फाइनल डीपीआर तैयार नहीं हो पाई है। इसके पहले जलनिगम दो बार डीपीआर तैयार कर शासन में सबमिट कर चुका है। दोनों बार की रिपोर्ट मानक के अनुरूप न होने के कारण रद्द कर दी गई थी। शासन ने एक बार फिर जलनिगम को रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।
जलकल के अवर अभियंता गौरीशंकर पटेल ने बताया कि शासन की हर मीटिंग में डीपीआर की मांग की जाती है। दो बार डीपीआर शासन रद्द कर चुका है। तीसरी बार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ईओ नगर पालिका परिषद रश्मि भारती ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। तकनीकी खामी के कारण दो बार डीपीआर कैंसिल हो गई है। तीसरी बार डीपीआर तैयार हो रही है। अब पास हो जाएगी। डीपीआर शासन से अनुमोदित होने के बाद केंद्र को भेजी जाएगी। इसके बाद केंद्र से बजट आवंटित होगा। बजट आवंटित होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। नए वित्तीय वर्ष में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
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फतेहपुर। जलनिगम की हीलाहवाली से सीवर लाइन निर्माण में विलंब हो रहा है। शासन ने मानक के अनुरूप डिटेल प्लान रिपोर्ट (डीपीआर) न बनने पर उसे दो बार नामंजूर कर दिया है। अब तीसरी बार फिर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ताज्जुब है कि जलनिगम एक साल से सही डीपीआर नहीं बना पा रहा है।
अमृत योजना के तहत सिंतबर 2016 में शहर में सीवर लाइन निर्माण की मंजूरी मिली थी। इसके लिए जलनिगम को डीपीआर तैयार कर भेजने के लिए निर्देश जारी हुए थे। इतना नहीं डीपीआर तैयार करने के लिए शासन ने जलनिगम को इस्टीमेट राशि भी भेज दी थी। इस कार्य में साल भर से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन अभी तक फाइनल डीपीआर तैयार नहीं हो पाई है। इसके पहले जलनिगम दो बार डीपीआर तैयार कर शासन में सबमिट कर चुका है। दोनों बार की रिपोर्ट मानक के अनुरूप न होने के कारण रद्द कर दी गई थी। शासन ने एक बार फिर जलनिगम को रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।
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जलकल के अवर अभियंता गौरीशंकर पटेल ने बताया कि शासन की हर मीटिंग में डीपीआर की मांग की जाती है। दो बार डीपीआर शासन रद्द कर चुका है। तीसरी बार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ईओ नगर पालिका परिषद रश्मि भारती ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। तकनीकी खामी के कारण दो बार डीपीआर कैंसिल हो गई है। तीसरी बार डीपीआर तैयार हो रही है। अब पास हो जाएगी। डीपीआर शासन से अनुमोदित होने के बाद केंद्र को भेजी जाएगी। इसके बाद केंद्र से बजट आवंटित होगा। बजट आवंटित होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। नए वित्तीय वर्ष में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।