{"_id":"59e3abbe4f1c1bb6678b5fb4","slug":"201508092862-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रचना और छाया में थी गहरी दोस्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रचना और छाया में थी गहरी दोस्ती
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर।
शहर के अरबपुर मोहल्ले में पलटे ट्रक के नीचे दबकर मरने वाली दोनों छात्राओं में गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ-साथ स्कूल और कोचिंग आती-जाती थीं। बच्चियों की मौत से दोनों परिवारों का हाल बेहाल है।
छाया साहू और रचना गौतम एक ही क्लास में पढ़ती थीं। दोनों की कोचिंग भी एक थी। छाया के पिता सत्यनारायण की लोधीगंज तिराहे पर परचून की दुकान है। वे मूलरूप से खागा के हैं। उनका एक बेटा आशू है। छाया इकलौती बेटी थी। छाया का शव देखकर मां आशा बदहवास हो गई।
रचना के पिता रामऔतार एलआईसी एजेंट हैं। सबसे छोटी होने केक कारण घर की लाडली थी। बड़ा भाई बसंत और बड़ी बहन सपना हैं। सपना इंटर की छात्रा है। वह छोटी बहन के लौटने के वक्त आठ बजे कोचिंग जाती है। सपना साइकिल से कोचिंग जा रही थी। हादसा देखकर वह कुछ पलों के लिए रुक गई।
विज्ञापन
सपना ने बताया कि उसने भीड़ में कुछ लोगों से पूछा कि कौन लड़की दबी है। लोगों ने अर्चना नाम बताया। इस पर वह कोचिंग चली गई। कोचिंग में उसे पता चला कि उसकी बहन रचना और उसकी सहेली छाया ट्रक के नीचे दबी हैं। यह सुनते ही उसके होश उड़ गए। वह फौरन लौटी तो बहन का शव देख सुध बुध खो बैठी।
2- अरबपुर में भीड़ को समझाते कोतवाल।
3- मार्च्युरी में रोती बिलखती रचना की मां रानी देवी व परिजन।
4- रचना की फाइल फोटो।
5- मार्च्युरी में बिलखती छाया की मां आशा व परिजन।
6- छाया की फाइल फोटो।
7- घायल राजकुमार।
8- ट्रक चालक विनोद कुमार।
रचना और छाया में थी गहरी दोस्ती
रचना की बड़ी बहन अर्चना सुन चली गई थी अपनी कोचिंग
विज्ञापन
फतेहपुर।
शहर के अरबपुर मोहल्ले में पलटे ट्रक के नीचे दबकर मरने वाली दोनों छात्राओं में गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ-साथ स्कूल और कोचिंग आती-जाती थीं। बच्चियों की मौत से दोनों परिवारों का हाल बेहाल है।
छाया साहू और रचना गौतम एक ही क्लास में पढ़ती थीं। दोनों की कोचिंग भी एक थी। छाया के पिता सत्यनारायण की लोधीगंज तिराहे पर परचून की दुकान है। वे मूलरूप से खागा के हैं। उनका एक बेटा आशू है। छाया इकलौती बेटी थी। छाया का शव देखकर मां आशा बदहवास हो गई।
विज्ञापन
रचना के पिता रामऔतार एलआईसी एजेंट हैं। सबसे छोटी होने केक कारण घर की लाडली थी। बड़ा भाई बसंत और बड़ी बहन सपना हैं। सपना इंटर की छात्रा है। वह छोटी बहन के लौटने के वक्त आठ बजे कोचिंग जाती है। सपना साइकिल से कोचिंग जा रही थी। हादसा देखकर वह कुछ पलों के लिए रुक गई।
विज्ञापन
सपना ने बताया कि उसने भीड़ में कुछ लोगों से पूछा कि कौन लड़की दबी है। लोगों ने अर्चना नाम बताया। इस पर वह कोचिंग चली गई। कोचिंग में उसे पता चला कि उसकी बहन रचना और उसकी सहेली छाया ट्रक के नीचे दबी हैं। यह सुनते ही उसके होश उड़ गए। वह फौरन लौटी तो बहन का शव देख सुध बुध खो बैठी।
2- अरबपुर में भीड़ को समझाते कोतवाल।
3- मार्च्युरी में रोती बिलखती रचना की मां रानी देवी व परिजन।
4- रचना की फाइल फोटो।
5- मार्च्युरी में बिलखती छाया की मां आशा व परिजन।
6- छाया की फाइल फोटो।
7- घायल राजकुमार।
8- ट्रक चालक विनोद कुमार।
रचना और छाया में थी गहरी दोस्ती
रचना की बड़ी बहन अर्चना सुन चली गई थी अपनी कोचिंग