{"_id":"5a735b164f1c1ba2268b7db4","slug":"181517509398-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम बजट 20-03-56","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आम बजट 20-03-56
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। केंद्र सरकार का आम बजट जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। आम आदमी से लेकर खास सभी वर्गों के लोग बजट से बड़ी उम्मीद लगाए थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट की पोटली से आशा कम निराशा अधिक निकली। इससे लोगों में नाराजगी दिखी। आम जनता को न तो महंगाई से राहत मिलती नजर आ रही है और न नौकरीपेशा लोगों को टैक्स में सहूलियत।
गुरुवार दोपहर को वित्त मंत्री ने आम बजट पेश किया। दिनभर लोग टीवी में आम बजट देखने के लिए डटे रहे। महिलाएं भी घरेलू कामकाज छोड़कर आम बजट में यही तलाशती रहीं कि रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हों तो घर का बजट सुधरे। सरकार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं, होटल और चाय पान की दुकानों में भी टीवी पर लोग आम बजट देखते नजर आए। केंद्र सरकार के आम बजट से गरीबों और मध्यम वर्गीय लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली।
फिलहाल महंगाई की मार अभी झेलनी पड़ेगी। वहीं, टीवी व मोबाइल फोन महंगे होने से नाराजगी रही। नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में भी राहत नहीं दी गई। आम बजट में टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। बातचीत में व्यापारी, छात्र, गृहणियों, किसानों, अधिवक्ताओं सभी ने निराशाजनक आम बजट बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। केंद्र सरकार का आम बजट जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। आम आदमी से लेकर खास सभी वर्गों के लोग बजट से बड़ी उम्मीद लगाए थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट की पोटली से आशा कम निराशा अधिक निकली। इससे लोगों में नाराजगी दिखी। आम जनता को न तो महंगाई से राहत मिलती नजर आ रही है और न नौकरीपेशा लोगों को टैक्स में सहूलियत।
गुरुवार दोपहर को वित्त मंत्री ने आम बजट पेश किया। दिनभर लोग टीवी में आम बजट देखने के लिए डटे रहे। महिलाएं भी घरेलू कामकाज छोड़कर आम बजट में यही तलाशती रहीं कि रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हों तो घर का बजट सुधरे। सरकार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं, होटल और चाय पान की दुकानों में भी टीवी पर लोग आम बजट देखते नजर आए। केंद्र सरकार के आम बजट से गरीबों और मध्यम वर्गीय लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
फिलहाल महंगाई की मार अभी झेलनी पड़ेगी। वहीं, टीवी व मोबाइल फोन महंगे होने से नाराजगी रही। नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में भी राहत नहीं दी गई। आम बजट में टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। बातचीत में व्यापारी, छात्र, गृहणियों, किसानों, अधिवक्ताओं सभी ने निराशाजनक आम बजट बताया।
विज्ञापन