{"_id":"5aa95d074f1c1b90778b5850","slug":"171521048839-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र 18 से शुरू, आठ दिन के होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र 18 से शुरू, आठ दिन के होंगे
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। चैत्र नवरात्र की तैयारियां भक्तों ने शुरू कर दी हैं। इस बार नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं जो 25 मार्च तक चलेंगे। इस बार नवरात्र आठ दिन के होंगे। सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन पड़ रही है। आचार्यों के अनुसार इस योग से काली पूजा करने वाले भक्तों को विशेष पुण्य मिलेगा।
चैत्र नवरात्र की तैयारियों को लेकर हर तरफ उल्लास है। देवी मंदिरों में साफ सफाई शुरू हो गई। शहर के दुर्गा मंदिर, मां कालिका मंदिर, शीतला माता मंदिर, भुइयां देवी मंदिर में नवरात्र में भक्तों की भीड़ रहती है। शहर के चौक, हरिहरगंज, पटेलनगर, देवीगंज आदि क्षेत्रों में मां जगदंबा के शृंगार सामग्री से दुकानें सज गई हैं।
पंडित दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया कि आठ दिन के नवरात्र होने के कारण अष्टसिद्धी की स्थापना करने के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त है। ऐसी मान्यता है कि हनुमान अष्टसिद्धि के दाता हैं, इसलिए इस समय हनुमत तांडव स्त्रोत का पाठ सर्वाधिक लाभ देगा।
विज्ञापन
पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि इसे वासंती नवरात्र भी कहते हैं। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होता है। इसी के साथ नव संवत्सर शुरू होता है साथ ही इस समय अपनी कुल देवी या कुल देवता का पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे आपदाओं से सुरक्षा मिलती है। नवरात्र की रातों में कुल देवताओं के पूजन से कोटि लाभ यानी करोड़ों गुना लाभ मिलता है।
पंडित केके पांडेय ने बताया कि शुभ कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 31 मिनट से सुबह सात बजकर 46 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह नौ बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक होगा। अभिजीत काल में कलश स्थापना का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
मां के लिए ले रहीं गोटेदार चुनरी
फतेहपुर। शहर के चौक इलाके में शृंगार सामग्री से बाजार सज गया है। महिलाएं देवी मां का शृंगार करने के लिए गोटेदार लाल चुनरी, बिंदी, माला, कान के लिए झुमकी आदि खरीद रही हैं। सिविल लाइन की सपना अवस्थी, कलक्टरगंज की रहने वाली सरोज बाजपेई, मुराइनटोला की पूनम पांडेय ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के साथ पूजन करते हैं। देवी मां मनोकामना पूर्ण करती हैं।
विज्ञापन
फतेहपुर। चैत्र नवरात्र की तैयारियां भक्तों ने शुरू कर दी हैं। इस बार नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं जो 25 मार्च तक चलेंगे। इस बार नवरात्र आठ दिन के होंगे। सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन पड़ रही है। आचार्यों के अनुसार इस योग से काली पूजा करने वाले भक्तों को विशेष पुण्य मिलेगा।
चैत्र नवरात्र की तैयारियों को लेकर हर तरफ उल्लास है। देवी मंदिरों में साफ सफाई शुरू हो गई। शहर के दुर्गा मंदिर, मां कालिका मंदिर, शीतला माता मंदिर, भुइयां देवी मंदिर में नवरात्र में भक्तों की भीड़ रहती है। शहर के चौक, हरिहरगंज, पटेलनगर, देवीगंज आदि क्षेत्रों में मां जगदंबा के शृंगार सामग्री से दुकानें सज गई हैं।
विज्ञापन
पंडित दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया कि आठ दिन के नवरात्र होने के कारण अष्टसिद्धी की स्थापना करने के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त है। ऐसी मान्यता है कि हनुमान अष्टसिद्धि के दाता हैं, इसलिए इस समय हनुमत तांडव स्त्रोत का पाठ सर्वाधिक लाभ देगा।
विज्ञापन
पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि इसे वासंती नवरात्र भी कहते हैं। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होता है। इसी के साथ नव संवत्सर शुरू होता है साथ ही इस समय अपनी कुल देवी या कुल देवता का पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे आपदाओं से सुरक्षा मिलती है। नवरात्र की रातों में कुल देवताओं के पूजन से कोटि लाभ यानी करोड़ों गुना लाभ मिलता है।
पंडित केके पांडेय ने बताया कि शुभ कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 31 मिनट से सुबह सात बजकर 46 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह नौ बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक होगा। अभिजीत काल में कलश स्थापना का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
मां के लिए ले रहीं गोटेदार चुनरी
फतेहपुर। शहर के चौक इलाके में शृंगार सामग्री से बाजार सज गया है। महिलाएं देवी मां का शृंगार करने के लिए गोटेदार लाल चुनरी, बिंदी, माला, कान के लिए झुमकी आदि खरीद रही हैं। सिविल लाइन की सपना अवस्थी, कलक्टरगंज की रहने वाली सरोज बाजपेई, मुराइनटोला की पूनम पांडेय ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के साथ पूजन करते हैं। देवी मां मनोकामना पूर्ण करती हैं।