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पिता-पुत्र की साथ जली चिता, आंखें नम
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:38 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मलवां थाने के नेवलापुर हादसे में पिता पुत्र की मौत से परिजन सदमेे में डूब गए। परिवार में मातम का माहौल छा गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों की एक साथ चिताओं को मुखाग्नि देकर पार्थिव शरीरों का अंतिम संस्कार हुआ।
मलवां थाने के जख्नी निवासी सुनील यादव उर्फ रामजी (25) अपने पिता रामसजीवन यादव को लेकर बाइक से शहर आए थे। वापस लौटते वक्त नेवलापुर के पास खड़े ट्रैक्टर में बाइक सवार जा घुसे थे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया।
भिटौरा घाट में दोनों की चिताओं को विनोद व सूरजदीन ने मुखाग्नि दी। घटना से मां केतकी व बहनें अनीता, सोनम का रो-रो कर बदहवास दिखी। पति की मौत से गमजदा पत्नी सोनम बेसुध रही। उसे महिलाएं होश में लाती तो वह दहाड़ मारकर रोने बिलखने लगी।
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फतेहपुर। मलवां थाने के नेवलापुर हादसे में पिता पुत्र की मौत से परिजन सदमेे में डूब गए। परिवार में मातम का माहौल छा गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों की एक साथ चिताओं को मुखाग्नि देकर पार्थिव शरीरों का अंतिम संस्कार हुआ।
मलवां थाने के जख्नी निवासी सुनील यादव उर्फ रामजी (25) अपने पिता रामसजीवन यादव को लेकर बाइक से शहर आए थे। वापस लौटते वक्त नेवलापुर के पास खड़े ट्रैक्टर में बाइक सवार जा घुसे थे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया।
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भिटौरा घाट में दोनों की चिताओं को विनोद व सूरजदीन ने मुखाग्नि दी। घटना से मां केतकी व बहनें अनीता, सोनम का रो-रो कर बदहवास दिखी। पति की मौत से गमजदा पत्नी सोनम बेसुध रही। उसे महिलाएं होश में लाती तो वह दहाड़ मारकर रोने बिलखने लगी।
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