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युवक का शव फंदे पर लटका मिला
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प्रवेंद्र की फाइल फोटो।
- फोटो : FARRUKHABAD
युवक का शव फंदे से लटका मिला
मोहम्मदाबाद। आलू का भाव ठीक न मिलने से परेशान युवक का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गांव बनपोई निवासी रमेश का 19 वर्षीय पुत्र प्रवेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉकडाउन में नौकरी छूट गई थी। इसके बाद से वह गांव में खेती करने लगा। उसने आलू की फसल की थी। करीब 400 पैकेट आलू शीतगृह में रखा था। भाव ठीक न मिलने से वह परेशान था। मक्का की भी फसल ठीक नहीं हुई थी। इससे और दुखी हो गया।
गुरुवार शाम को उसने भोजन किया। इसके बाद अपने कमरे में चला गया। रात को बड़ा भाई रामशंकर कमरे में चादर लेने गया तो प्रवेंद्र का शव फंदे से लटका देखा। उसने शोर मचा दिया। इससे परिजन जाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की।
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प्रवेंद्र के पिता की वर्ष 2013 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। माता लक्ष्मी देवी तथा भाई रो-रोकर बेहाल हो गए। प्रवेंद्र चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। रामशंकर, ओमवीर बड़े व नन्हें छोटे भाई हैं। रामशंकर व ओमवीर की शादी हो चुकी है। प्रवेंद्र व नन्हें की अभी शादी नहीं हुई थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दरोगा अजय कुमार ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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मोहम्मदाबाद। आलू का भाव ठीक न मिलने से परेशान युवक का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गांव बनपोई निवासी रमेश का 19 वर्षीय पुत्र प्रवेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉकडाउन में नौकरी छूट गई थी। इसके बाद से वह गांव में खेती करने लगा। उसने आलू की फसल की थी। करीब 400 पैकेट आलू शीतगृह में रखा था। भाव ठीक न मिलने से वह परेशान था। मक्का की भी फसल ठीक नहीं हुई थी। इससे और दुखी हो गया।
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गुरुवार शाम को उसने भोजन किया। इसके बाद अपने कमरे में चला गया। रात को बड़ा भाई रामशंकर कमरे में चादर लेने गया तो प्रवेंद्र का शव फंदे से लटका देखा। उसने शोर मचा दिया। इससे परिजन जाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की।
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प्रवेंद्र के पिता की वर्ष 2013 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। माता लक्ष्मी देवी तथा भाई रो-रोकर बेहाल हो गए। प्रवेंद्र चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। रामशंकर, ओमवीर बड़े व नन्हें छोटे भाई हैं। रामशंकर व ओमवीर की शादी हो चुकी है। प्रवेंद्र व नन्हें की अभी शादी नहीं हुई थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दरोगा अजय कुमार ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।