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झोलाछाप के इलाज से युवक की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने झोलाछाप से युवक के परिजनों का समझौता करवा दिया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव ऊगरपुर निवासी बेचेलाल जाटव की चार दिन पहले मृत्यु हो गई थी। उनके पुत्र सुरेंद्र के सीने में सोमवार को दर्द होने लगा। सुरेंद्र ने मुरहास कन्हैया में एक झोलाछाप से दवा ले ली। शाम को दवा खाने के बाद उनकी जांघों में चकत्ते पड़ गए। खुजली से परेशान होने पर मंगलवार को उसी को दिखाया। झोलाछाप ने फिर दवाई दे दी। दोपहर में सुरेंद्र को उनके भाई अतुल ने दवाई खिलाई, तो उसने बोलना भी बंद कर दिया। परेशान अतुल भाई को लेकर मंगलवार शाम को लोहिया अस्पताल आए। यहां देर रात सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए। गांव के लोगों ने सुरेंद्र की गरीबी को देखते हुए झोलाछाप से समझौता करवा दिया है। लोहिया के डॉ. राजकिशोर ने बताया कि उन्होंने मरीज देखा था। मृत्यु के बाद परिजन शव घर ले गए।
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फर्रुखाबाद। झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने झोलाछाप से युवक के परिजनों का समझौता करवा दिया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव ऊगरपुर निवासी बेचेलाल जाटव की चार दिन पहले मृत्यु हो गई थी। उनके पुत्र सुरेंद्र के सीने में सोमवार को दर्द होने लगा। सुरेंद्र ने मुरहास कन्हैया में एक झोलाछाप से दवा ले ली। शाम को दवा खाने के बाद उनकी जांघों में चकत्ते पड़ गए। खुजली से परेशान होने पर मंगलवार को उसी को दिखाया। झोलाछाप ने फिर दवाई दे दी। दोपहर में सुरेंद्र को उनके भाई अतुल ने दवाई खिलाई, तो उसने बोलना भी बंद कर दिया। परेशान अतुल भाई को लेकर मंगलवार शाम को लोहिया अस्पताल आए। यहां देर रात सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए। गांव के लोगों ने सुरेंद्र की गरीबी को देखते हुए झोलाछाप से समझौता करवा दिया है। लोहिया के डॉ. राजकिशोर ने बताया कि उन्होंने मरीज देखा था। मृत्यु के बाद परिजन शव घर ले गए।
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