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डेढ़ घंटे बिना इलाज स्ट्रेचर पर पड़ी रही महिला
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कायमगंज में स्वास्थ्य शिविर में मरीज को देखते डॉक्टर। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में गोली लगने से घायल महिला बिना इलाज के ही डेढ़ घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ी रही।
परिजनों ने हंगामा किया तो रजिस्टर में नाम दर्ज किया, लेकिन दवा नहीं दी गई।
पीड़िता ने खुद डीएम को फोन पर अपना दर्द सुनाया। इसके बाद पहुंचे सीएमएस ने इलाज के बजाय उसे सैफई रेफर करा दिया।
राजेपुर थाने के गांव सलेमपुर में सोमवार रात शोभा मिश्रा (45) को पारिवारिक विवाद में गोली मारी गई थी।
इसी दौरान पुलिस ने महिला के पति को जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आर्थिक तंगी के चलते उसका भाई चमन मंगलवार रात करीब आठ बजे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। ड्यूटी कर रहे ईएमओ डॉ. आसिफ अली और फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
चमन और महिला के परिजनों ने काफी हाथ-पैर जोड़े, लेकिन किसी ने एक न सुनी।
डेढ़ घंटे तक महिला बिना इलाज के इमरजेंसी कक्ष में स्ट्रेचर पर पड़ी रही। इस पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
बात बिगड़ती देख साढ़े नौ बजे रजिस्टरों में भर्ती किया, मगर इलाज फिर भी नहीं किया। परिजनों से महिला को वार्ड में ले जाने को कह दिया गया। करीब 15 मिनट बाद परेशान होकर परिजनों ने स्ट्रेचर इमरजेंसी गेट के सामने खड़ा कर लिया।
दर्द से कराहती शोभा ने डीएम संजय कुमार सिंह को मोबाइल पर पूरी बात बताई। डीएम के निर्देश पर रात करीब 11 बजे सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त, दंत चिकित्सक डॉ. श्रेय खंडूजा, डॉ. अजय कुमार, सर्जन डॉ. बहीदुल हक पहुंचे।
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सीएमएस ने आवास विकास चौकी प्रभारी स्वदेश कुमार को बुला लिया। सीएमएस ने इलाज की बजाय ब्लीडिंग की आशंका जताते हुए महिला को रात साढ़े 11 बजे रेफर करवा दिया। सीएमएस राजकुमार गुप्त ने बताया कि गोली लगने का मामला था। लिहाजा हालत बिगड़ने पर आईसीयू की व्यवस्था नहीं मिल पाती। इसलिए रेफर किया।
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परिजनों ने हंगामा किया तो रजिस्टर में नाम दर्ज किया, लेकिन दवा नहीं दी गई।
पीड़िता ने खुद डीएम को फोन पर अपना दर्द सुनाया। इसके बाद पहुंचे सीएमएस ने इलाज के बजाय उसे सैफई रेफर करा दिया।
राजेपुर थाने के गांव सलेमपुर में सोमवार रात शोभा मिश्रा (45) को पारिवारिक विवाद में गोली मारी गई थी।
इसी दौरान पुलिस ने महिला के पति को जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आर्थिक तंगी के चलते उसका भाई चमन मंगलवार रात करीब आठ बजे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। ड्यूटी कर रहे ईएमओ डॉ. आसिफ अली और फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
चमन और महिला के परिजनों ने काफी हाथ-पैर जोड़े, लेकिन किसी ने एक न सुनी।
डेढ़ घंटे तक महिला बिना इलाज के इमरजेंसी कक्ष में स्ट्रेचर पर पड़ी रही। इस पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
बात बिगड़ती देख साढ़े नौ बजे रजिस्टरों में भर्ती किया, मगर इलाज फिर भी नहीं किया। परिजनों से महिला को वार्ड में ले जाने को कह दिया गया। करीब 15 मिनट बाद परेशान होकर परिजनों ने स्ट्रेचर इमरजेंसी गेट के सामने खड़ा कर लिया।
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दर्द से कराहती शोभा ने डीएम संजय कुमार सिंह को मोबाइल पर पूरी बात बताई। डीएम के निर्देश पर रात करीब 11 बजे सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त, दंत चिकित्सक डॉ. श्रेय खंडूजा, डॉ. अजय कुमार, सर्जन डॉ. बहीदुल हक पहुंचे।
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सीएमएस ने आवास विकास चौकी प्रभारी स्वदेश कुमार को बुला लिया। सीएमएस ने इलाज की बजाय ब्लीडिंग की आशंका जताते हुए महिला को रात साढ़े 11 बजे रेफर करवा दिया। सीएमएस राजकुमार गुप्त ने बताया कि गोली लगने का मामला था। लिहाजा हालत बिगड़ने पर आईसीयू की व्यवस्था नहीं मिल पाती। इसलिए रेफर किया।

लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी के सामने स्ट्रेचर पर लेटी शोभा मिश्रा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD