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Farrukhabad News: करवाचौथ की रात पत्नी ने फंदा लगा दी जान
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मोहम्मदाबाद। करवाचौथ की रात को पति से नाराज पत्नी ने फंदा लगाकर जान दे दी। पति ने महिला के साथ बाजार जाने से इन्कार कर दिया था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ऊगरपुर निवासी मुरारी लाल जाटव ने पुत्री सीता (25) की शादी तीन वर्ष पहले कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव रजीपुर निवासी संतोष के साथ की था। संतोष कोई काम नहीं करता था।
इसको लेकर पति-पत्नी में आए दिन झगड़ा होता था। डेढ़ माह से संतोष पत्नी सीता व एक वर्ष के पुत्र कृष्णा के साथ उसके घर में आकर रहने लगा। संतोष साले देवानंद के साथ राजमिसस्त्री का काम सीखने लगा। करवाचौथ के दिन सीता ने संतोष से बाजार साथ चलने की बात कही।
संतोष ने साथ जाने से इन्कार कर दिया और बाजार करने के लिए सीता को रुपये दे दिए। गुस्से में सीता बाजार नहीं गई। करवाचौथ की रस्म पूरी होने के बाद पति-पत्नी खाना खाकर सो गए। रात में एक बजे पुत्र कृष्णा रोया तो पति संतोष की आंख खुली।
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उसने सीता को कमरे में नहीं पाया। संतोष ने साले देवानंद को आवाज लगाई। साले बहनोई कमरे से बाहर आए तो सीता को छत के कुंडे में दुपट्टे से फंदे पर लटका हुआ पाया। परिजनों ने सीता को फंदे से उतारा और सीएचसी लेकर आए। वहां डॉक्टर ने सीता को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच कर जांच कर नमूने लिए। नायब तहसीलदार हर्षित सिंह ने पिता मुरारीलाल, साले देवानंद व पति संतोष से अलग-अलग बात कर पूरे मामले की जानकारी की।
परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक सीता की फांसी लगने से दम घुटने के कारण मौत हुई है।े
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कोतवाली क्षेत्र के गांव ऊगरपुर निवासी मुरारी लाल जाटव ने पुत्री सीता (25) की शादी तीन वर्ष पहले कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव रजीपुर निवासी संतोष के साथ की था। संतोष कोई काम नहीं करता था।
इसको लेकर पति-पत्नी में आए दिन झगड़ा होता था। डेढ़ माह से संतोष पत्नी सीता व एक वर्ष के पुत्र कृष्णा के साथ उसके घर में आकर रहने लगा। संतोष साले देवानंद के साथ राजमिसस्त्री का काम सीखने लगा। करवाचौथ के दिन सीता ने संतोष से बाजार साथ चलने की बात कही।
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संतोष ने साथ जाने से इन्कार कर दिया और बाजार करने के लिए सीता को रुपये दे दिए। गुस्से में सीता बाजार नहीं गई। करवाचौथ की रस्म पूरी होने के बाद पति-पत्नी खाना खाकर सो गए। रात में एक बजे पुत्र कृष्णा रोया तो पति संतोष की आंख खुली।
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उसने सीता को कमरे में नहीं पाया। संतोष ने साले देवानंद को आवाज लगाई। साले बहनोई कमरे से बाहर आए तो सीता को छत के कुंडे में दुपट्टे से फंदे पर लटका हुआ पाया। परिजनों ने सीता को फंदे से उतारा और सीएचसी लेकर आए। वहां डॉक्टर ने सीता को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच कर जांच कर नमूने लिए। नायब तहसीलदार हर्षित सिंह ने पिता मुरारीलाल, साले देवानंद व पति संतोष से अलग-अलग बात कर पूरे मामले की जानकारी की।
परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक सीता की फांसी लगने से दम घुटने के कारण मौत हुई है।े