{"_id":"6439a03d51f05f5821041474","slug":"wheat-is-being-weighed-on-the-middlemen-not-the-center-farrukhabad-news-c-12-1-179908-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: केंद्र की बोहनी नहीं, आढ़तों पर तौला जा रहा गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: केंद्र की बोहनी नहीं, आढ़तों पर तौला जा रहा गेहूं
Sat, 15 Apr 2023 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:19 AM IST
विज्ञापन
कमालगंज। गेहूं का समर्थन मूल्य किसानों को रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि नवीन मंडी में आढ़तों पर तो गेहूं पहुंच रहा है, पर सरकारी कांटा सूना पड़ा रहता है। मंडी बाजार में शुक्रवार दोपहर दो आढ़तों पर ट्रैक्टर से उतारकर गेहूं तौला जा रहा था। वहीं, सरकारी केंद्र पर 14 दिन बाद तक बोहनी भी नहीं हुई।
नवीन मंडी में शुक्रवार दोपहर विपणन विभाग के सरकारी खरीद केंद्र पर कर्मचारी लड्डन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अभी केंद्र पर गेहूं नहीं आया। हालांकि सरकारी कांटा एक अप्रैल से लगा है। वहीं नवीन मंडी में स्थित आढ़तों पर गेहूं की आमद शुरू है। मौके पर एक आढ़त पर किसान का गेहूं ट्रैक्टर ट्रॉली से पल्लेदार उतार रहे थे।
किसान का कहना था की 2050 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिका है। सरकारी रेट से 75 रुपये भाव कम जरूर मिला पर यहां नकद पैसे मिल गए। मंडी में ही सरकारी खरीद हो रही है, इसकी उसे जानकारी भी नहीं थी। वहीं एक अन्य आढ़त पर गेहूं लदी ट्रैक्टर ट्राॅली खड़ी थी।
विज्ञापन
मौसम खुलने के बाद खेतों में गेहूं पूरी तरह सूख गया है। इससे थ्रेसर से खंदाई तेज हो गई है। नरायनपुर के किसान रामवीर का कहना है कि पिछली बार रोजनदारी में गेहूं की कटाई व गट्ठर बनाने की मजदूरी 350 रुपये रोज थी। इस बार 400 रुपये मजदूरी है। बीघा के हिसाब से कटाई का ठेका 40 से 60 किलो तक गेहूं चल रहा है।
विज्ञापन
नवीन मंडी में शुक्रवार दोपहर विपणन विभाग के सरकारी खरीद केंद्र पर कर्मचारी लड्डन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अभी केंद्र पर गेहूं नहीं आया। हालांकि सरकारी कांटा एक अप्रैल से लगा है। वहीं नवीन मंडी में स्थित आढ़तों पर गेहूं की आमद शुरू है। मौके पर एक आढ़त पर किसान का गेहूं ट्रैक्टर ट्रॉली से पल्लेदार उतार रहे थे।
विज्ञापन
किसान का कहना था की 2050 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिका है। सरकारी रेट से 75 रुपये भाव कम जरूर मिला पर यहां नकद पैसे मिल गए। मंडी में ही सरकारी खरीद हो रही है, इसकी उसे जानकारी भी नहीं थी। वहीं एक अन्य आढ़त पर गेहूं लदी ट्रैक्टर ट्राॅली खड़ी थी।
विज्ञापन
मौसम खुलने के बाद खेतों में गेहूं पूरी तरह सूख गया है। इससे थ्रेसर से खंदाई तेज हो गई है। नरायनपुर के किसान रामवीर का कहना है कि पिछली बार रोजनदारी में गेहूं की कटाई व गट्ठर बनाने की मजदूरी 350 रुपये रोज थी। इस बार 400 रुपये मजदूरी है। बीघा के हिसाब से कटाई का ठेका 40 से 60 किलो तक गेहूं चल रहा है।