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गंगा का जलस्तर स्थिर, कटान बना आफत
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन तेज बहाव के चलते कटान ने गति पकड़ ली है। कटान को देखते ग्रामीण अपने मकान तोड़ने में और तेजी से जुट गए हैं। इससे ग्रामीणों को लाखों का नुकसान हो रहा है।
गुरुवार को नरौरा बांध से गंगा में 63 हजार दो सौ 31 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गंगा के जलस्तर में न तो कमी आई और न ही बढ़ोतरी हुई। जलस्तर 136.45 मीटर पर स्थिर है। बहाव के चलते हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीण मकानों को तोड़ कर ईंटें निकालने में जुटे हैं।
सतीशचंद्र, गबदू, अखिलेश, राजेश और प्रधान सुधीर कुमार राजपूत का कहना है कि गांव में कटान शुरू है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी देखने भी नहीं आ रहा है। रहने के लिए जगह नहीं है। कई ग्रामीणों ने अपनी झोपड़ियां गोशाला में डाल ली हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर 135.70 से घट कर 135.14 मीटर पर आ गया है। खो हरेली, रामनगर बैराज से 14 हजार 37 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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गुरुवार को नरौरा बांध से गंगा में 63 हजार दो सौ 31 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गंगा के जलस्तर में न तो कमी आई और न ही बढ़ोतरी हुई। जलस्तर 136.45 मीटर पर स्थिर है। बहाव के चलते हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीण मकानों को तोड़ कर ईंटें निकालने में जुटे हैं।
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सतीशचंद्र, गबदू, अखिलेश, राजेश और प्रधान सुधीर कुमार राजपूत का कहना है कि गांव में कटान शुरू है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी देखने भी नहीं आ रहा है। रहने के लिए जगह नहीं है। कई ग्रामीणों ने अपनी झोपड़ियां गोशाला में डाल ली हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर 135.70 से घट कर 135.14 मीटर पर आ गया है। खो हरेली, रामनगर बैराज से 14 हजार 37 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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