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गरीब बेटी की सबने मिलकर उठाई डोली
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कंपिल। महाभारत कालीन वेदू कुंडा (मत्स्य भेदन) आश्रम के पुजारी ने आग लगने से बेघर हुए गरीब परिवार की बेटी की शादी कराई। शनिवार को शादी के बाद गांव के लोगों ने मिलकर राजरानी की डोली उठाई। आश्रम में हुई गरीब बेटी की शादी की क्षेत्र में चर्चा रही।
गांव सिकंदरपुर छितमा निवासी ज्ञानदेवी के पति सोनेलाल की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। ज्ञानदेवी खेती बाड़ी कर अपनी छोटी बेटी राजरानी की शादी के प्रयास में थीं। चार माह पूर्व घर में आग लग गई। इससे शादी के लिए जुटाए गए धन के साथ सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया था। ज्ञान देवी बेटी की शादी के लिए चिंतित थीं।
इसकी जानकारी पर वेदू कुंडा के पुजारी सतपाल गिरी ने राजरानी को बेटी के रूप में गोद लिया। फिर परिवार की मर्जी से जनपद एटा थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव ठाठी निवासी रामौतार के पुत्र राहुल से शादी तय करा दी। शनिवार को आश्रम पर बरात आई।
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मंत्रोच्चार के साथ विवाह हुआ। पुजारी सतपाल गिरी ने राजरानी का कन्यादान लिया। गरीब बेटी की शादी में आसपास के बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर दान दहेज में सहयोग किया। शादी के भोज का खर्च आश्रम की ओर से रहा। देर शाम सभी ने राजरानी को विदा किया। धर्मेंद्र सिंह, अवधेश, गजेंद्र, मुकेश, प्रदीप आदि लोग व्यवस्था में लगे रहे।
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गांव सिकंदरपुर छितमा निवासी ज्ञानदेवी के पति सोनेलाल की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। ज्ञानदेवी खेती बाड़ी कर अपनी छोटी बेटी राजरानी की शादी के प्रयास में थीं। चार माह पूर्व घर में आग लग गई। इससे शादी के लिए जुटाए गए धन के साथ सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया था। ज्ञान देवी बेटी की शादी के लिए चिंतित थीं।
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इसकी जानकारी पर वेदू कुंडा के पुजारी सतपाल गिरी ने राजरानी को बेटी के रूप में गोद लिया। फिर परिवार की मर्जी से जनपद एटा थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव ठाठी निवासी रामौतार के पुत्र राहुल से शादी तय करा दी। शनिवार को आश्रम पर बरात आई।
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मंत्रोच्चार के साथ विवाह हुआ। पुजारी सतपाल गिरी ने राजरानी का कन्यादान लिया। गरीब बेटी की शादी में आसपास के बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर दान दहेज में सहयोग किया। शादी के भोज का खर्च आश्रम की ओर से रहा। देर शाम सभी ने राजरानी को विदा किया। धर्मेंद्र सिंह, अवधेश, गजेंद्र, मुकेश, प्रदीप आदि लोग व्यवस्था में लगे रहे।