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धूमधाम से मनाया गया श्वेताबंर मंदिर को 11 वाँ वार्षिकोत्सव
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भगवान विमलनाथ की पूजा अर्चना करती महिलाएं।
- फोटो : FARRUKHABAD
धूमधाम से मनाया विमलनाथ मंदिर का वार्षिकोत्सव
कंपिल । भगवान विमलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में रविवार को वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान भक्तों ने पूजा अर्चना कर मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ किया। इसके बाद ध्वजारोहण भी किया गया।
कंपिल स्थित भगवान विमलनाथ मंदिर का 11वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। इसमें मुंबई के पुजारी विधिकारक के द्वारा भगवान विमलनाथ कि पूजा अर्चना की गई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ हुआ। ट्रस्ट के मंत्री पुखराज डागा ने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। जैन धर्म के गुरुओं के द्वारा आराधना भवन में धर्मसभा में कहा गया कि ध्वज का बड़ा ही महत्व है।
जिस मंदिर पर 100 वर्षों तक ध्वज फहराया जाता है, वह मंदिर तीर्थ बन जाता है। जब दिल्ली पर अंग्रेजों की हुकूमत थी, तब वहां पर रंग-बिरंगा ध्वज था। जब मुगलों का शासन आया तो वहा पर हरे रंग की ध्वज था। जब हिंदुओं का शासन आया तो वहा भगवा ध्वज लहराया लेकिन स्वतंत्रता के बाद वहां पर तिरंगा लहरा रहा है।
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ध्वज का महत्व बताते हुए कहा कि ध्वज हमेशा ऊपर की ओर रहना चाहिए, इस तरह हर परिस्थिति में ध्वज लहराता रहता है। उसी तरह हमेशा जीवन में खुश रहना चाहिए।
इस दौरान मुंबई के उद्योगपति व ट्रस्ट के अध्यक्ष उत्तम चंद्र वीरावत, रत्न चंद्र संघवी, इंद्रमल संघवी, सोहन लाल संघवी, सुबोध शाह, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, अशोक डागा, अरुणा डागा आदि मौजूद रहे।
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कंपिल । भगवान विमलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में रविवार को वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान भक्तों ने पूजा अर्चना कर मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ किया। इसके बाद ध्वजारोहण भी किया गया।
कंपिल स्थित भगवान विमलनाथ मंदिर का 11वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। इसमें मुंबई के पुजारी विधिकारक के द्वारा भगवान विमलनाथ कि पूजा अर्चना की गई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ हुआ। ट्रस्ट के मंत्री पुखराज डागा ने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। जैन धर्म के गुरुओं के द्वारा आराधना भवन में धर्मसभा में कहा गया कि ध्वज का बड़ा ही महत्व है।
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जिस मंदिर पर 100 वर्षों तक ध्वज फहराया जाता है, वह मंदिर तीर्थ बन जाता है। जब दिल्ली पर अंग्रेजों की हुकूमत थी, तब वहां पर रंग-बिरंगा ध्वज था। जब मुगलों का शासन आया तो वहा पर हरे रंग की ध्वज था। जब हिंदुओं का शासन आया तो वहा भगवा ध्वज लहराया लेकिन स्वतंत्रता के बाद वहां पर तिरंगा लहरा रहा है।
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ध्वज का महत्व बताते हुए कहा कि ध्वज हमेशा ऊपर की ओर रहना चाहिए, इस तरह हर परिस्थिति में ध्वज लहराता रहता है। उसी तरह हमेशा जीवन में खुश रहना चाहिए।
इस दौरान मुंबई के उद्योगपति व ट्रस्ट के अध्यक्ष उत्तम चंद्र वीरावत, रत्न चंद्र संघवी, इंद्रमल संघवी, सोहन लाल संघवी, सुबोध शाह, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, अशोक डागा, अरुणा डागा आदि मौजूद रहे।