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वरासत दर्ज करने को 30 तक गांव-गांव चलेगा अभियान
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वरासत दर्ज करने को 30 तक अभियान
फर्रुखाबाद। कृषि भूमि की वरासत दर्ज करने के लिए अब राजस्व विभाग की टीम गांव-गांव जाकर अभियान चलाएगी। इसके तहत 30 दिसंबर तक गांवों में जाकर लेखपाल वरासत पढ़कर सुनाएंगे और छूटे हुए लोगों से आवेदन प्राप्त करेंगे। 20 फरवरी को जिलाधिकारी शासन को इस बात का प्रमाणपत्र भेजेंगे कि उनके जनपद में अब कोई वरासत दर्ज होने को शेष नहीं बची है।
जनपद में कुल 1025 राजस्व गांव हैं। इनमें तहसील सदर में 410, तहसील अमृतपुर में 172 व तहसील कायमगंज के 443 राजस्व गांव शामिल हैं। गांव में किसी किसान की मौत हो जाने पर उनके बेटों व परिजनों को वरासत दर्ज कराने के लिए लेखपाल से तहसील तक के चक्कर काटने पड़ते थे। शासन के निर्देश पर अब कृषि भूमि की वरासत दर्ज करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इस संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि 15 से 30 दिसंबर तक राजस्व व तहसील स्तर के अधिकारी राजस्व गांवों का भ्रमण कर शाम तीन से पांच बजे तक ग्रामीणों को खतौनी पढ़कर सुनाएंगे। इसके साथ ही लेखपाल वरासत संबंधी आवेदन लेकर ऑनलाइन भरेंगे। 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक क्षेत्रीय लेखपाल इन आवेदनों की जांच कर कार्रवाई करेंगे। 16 से 31 जनवरी तक राजस्व निरीक्षक जांच के साथ खतौनी में नामांतरण कर भूलेख साफ्टवेयर पर दर्ज करेंगे।
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इसके बाद एक से सात फरवरी तक लेखपाल व कानूनगो जिलाधिकारी को इस बात का प्रमाणपत्र देंगे कि उनके राजस्व गांव में कोई भी निर्विवाद वरासत दर्ज करने को शेष नहीं है। फिर जिलाधिकारी द्वारा एडीएम व एसडीएम से 10 प्रतिशत राजस्व गांवों में रेंडम जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जिले की प्रगति रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
20 फरवरी को जिलाधिकारी व एसडीएम द्वारा जिले में निर्विवादित कृषि भूमि की वरासत अवशेष नहीं, का प्रमाणपत्र शासन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि वरासत दर्ज कराने के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकता है। चकबंदी वाले गांवों में ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे। जिस भूमि पर विवाद है, उसका वाद के रूप में निस्तारण कराया जाएगा।
वरासत में अविवाहित बेटियों के नाम भी दर्ज होंगे
गांव में राजस्व टीमों के साथ ग्राम पंचायत सचिव भी मौजूद रहेंगे। इससे मौके पर ही परिवार रजिस्टर भी उपलब्ध रहे। पिता के नाम कृषि भूमि की वरासत में बेटों के साथ अविवाहित बेटियों के नाम भी दर्ज किए जाएंगे। एडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ.वंदना सिंह, डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विनियमित क्षेत्र में चलेगा अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से हो रहे निर्माण के संबंध में वह बैठक कर रूपरेखा तैयार करेंगे। इसके बाद अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकारी भूमि को अतिक्रमण व अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। कृषि भूमि की वरासत दर्ज करने के लिए अब राजस्व विभाग की टीम गांव-गांव जाकर अभियान चलाएगी। इसके तहत 30 दिसंबर तक गांवों में जाकर लेखपाल वरासत पढ़कर सुनाएंगे और छूटे हुए लोगों से आवेदन प्राप्त करेंगे। 20 फरवरी को जिलाधिकारी शासन को इस बात का प्रमाणपत्र भेजेंगे कि उनके जनपद में अब कोई वरासत दर्ज होने को शेष नहीं बची है।
जनपद में कुल 1025 राजस्व गांव हैं। इनमें तहसील सदर में 410, तहसील अमृतपुर में 172 व तहसील कायमगंज के 443 राजस्व गांव शामिल हैं। गांव में किसी किसान की मौत हो जाने पर उनके बेटों व परिजनों को वरासत दर्ज कराने के लिए लेखपाल से तहसील तक के चक्कर काटने पड़ते थे। शासन के निर्देश पर अब कृषि भूमि की वरासत दर्ज करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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इस संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि 15 से 30 दिसंबर तक राजस्व व तहसील स्तर के अधिकारी राजस्व गांवों का भ्रमण कर शाम तीन से पांच बजे तक ग्रामीणों को खतौनी पढ़कर सुनाएंगे। इसके साथ ही लेखपाल वरासत संबंधी आवेदन लेकर ऑनलाइन भरेंगे। 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक क्षेत्रीय लेखपाल इन आवेदनों की जांच कर कार्रवाई करेंगे। 16 से 31 जनवरी तक राजस्व निरीक्षक जांच के साथ खतौनी में नामांतरण कर भूलेख साफ्टवेयर पर दर्ज करेंगे।
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इसके बाद एक से सात फरवरी तक लेखपाल व कानूनगो जिलाधिकारी को इस बात का प्रमाणपत्र देंगे कि उनके राजस्व गांव में कोई भी निर्विवाद वरासत दर्ज करने को शेष नहीं है। फिर जिलाधिकारी द्वारा एडीएम व एसडीएम से 10 प्रतिशत राजस्व गांवों में रेंडम जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जिले की प्रगति रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
20 फरवरी को जिलाधिकारी व एसडीएम द्वारा जिले में निर्विवादित कृषि भूमि की वरासत अवशेष नहीं, का प्रमाणपत्र शासन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि वरासत दर्ज कराने के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकता है। चकबंदी वाले गांवों में ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे। जिस भूमि पर विवाद है, उसका वाद के रूप में निस्तारण कराया जाएगा।
वरासत में अविवाहित बेटियों के नाम भी दर्ज होंगे
गांव में राजस्व टीमों के साथ ग्राम पंचायत सचिव भी मौजूद रहेंगे। इससे मौके पर ही परिवार रजिस्टर भी उपलब्ध रहे। पिता के नाम कृषि भूमि की वरासत में बेटों के साथ अविवाहित बेटियों के नाम भी दर्ज किए जाएंगे। एडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ.वंदना सिंह, डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विनियमित क्षेत्र में चलेगा अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से हो रहे निर्माण के संबंध में वह बैठक कर रूपरेखा तैयार करेंगे। इसके बाद अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकारी भूमि को अतिक्रमण व अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।