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बेमौसम आम के पेड़ों पर बौर आने से बागवान परेशान
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आम के पेड़ पर आया बेमौसम बौर।
- फोटो : FARRUKHABAD
आम के पेड़ों पर बेमौसम बौर, बागवान चिंतित
कायमगंज। इस साल आम के पेड़ों पर बेमौसम आम का बौर आ गया है। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें बौर में रोग लगने व आम का पैदावार घटने की आशंका सता रही है। मौसम के बदले मिजाज के कारण ऐसा हुआ है।
कायमगंज क्षेत्र आम की बेल्ट कहा जाता है। यहां का दशहरी, फजली, चौंसा प्रजातियों का आम मुंबई व देश के कई प्रांतों में मशहूर है। सीजन में यहां का आम दिल्ली, मुंबई, जयपुर आदि कई प्रांतों में सप्लाई होता है। हमेशा पेड़ों पर फरवरी के पहले सप्ताह में आने वाला बौर इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में ही आ गया। जानकार इसे ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम मान रहे हैं। अधिकांश बागवानों का मानना है कि बेमौसम पेड़ों पर आए हुए बौर को बचा पाना मुश्किल है। इससे इस साल फसल प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि कुछ स्थानों पर आम के बाग में बौर आया है। मौसम व तापमान अनुकूल न होने से यह बौर बचाया नहीं जा सकता। इसके लिए कोई प्रयास करना भी बेकार होगा।
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कायमगंज। इस साल आम के पेड़ों पर बेमौसम आम का बौर आ गया है। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें बौर में रोग लगने व आम का पैदावार घटने की आशंका सता रही है। मौसम के बदले मिजाज के कारण ऐसा हुआ है।
कायमगंज क्षेत्र आम की बेल्ट कहा जाता है। यहां का दशहरी, फजली, चौंसा प्रजातियों का आम मुंबई व देश के कई प्रांतों में मशहूर है। सीजन में यहां का आम दिल्ली, मुंबई, जयपुर आदि कई प्रांतों में सप्लाई होता है। हमेशा पेड़ों पर फरवरी के पहले सप्ताह में आने वाला बौर इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में ही आ गया। जानकार इसे ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम मान रहे हैं। अधिकांश बागवानों का मानना है कि बेमौसम पेड़ों पर आए हुए बौर को बचा पाना मुश्किल है। इससे इस साल फसल प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
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जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि कुछ स्थानों पर आम के बाग में बौर आया है। मौसम व तापमान अनुकूल न होने से यह बौर बचाया नहीं जा सकता। इसके लिए कोई प्रयास करना भी बेकार होगा।
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