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Farrukhabad News: यूपीसीडा से वापस मिले नौ गांव, विकसित होंगी टाउनशिप

Wed, 08 Oct 2025 12:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:29 AM IST
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फोटो नंबर-1- उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण कार्यालय। संवाद
उन्नाव। उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) के लगातार प्रयासों से यूएसडीए को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) से नौ गांव वापस मिले हैं। अब तक विकास क्षेत्र (लैंड बैंक) की कमी झेल रहे प्राधिकरण ने अब हाईवे के आसपास टाउनशिप योजनाओं विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। रियल स्टेट के कारोबार से जुड़े कई और कारोबारी यहां टाउनशिप के लिए प्राधिकरण से संपर्क किया है। इससे शहर का फैलाव होगा।
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शहर में वर्ष 1983 में गठित हुए यूएसडीए के विकास क्षेत्र में 43 गांव शामिल हुए थे लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न विभागों की शासकीय अधिसूचनाओं के माध्यम से 29 गांव अन्य विभागों शामिल कर दिए गए। इससे यूएसडीए के विकास क्षेत्र में केवल 14 गांव बचे थे। चार मार्च 2021 में लीडा का यूपीसीडा में विलय होने से यूएसडीए के 10 और गांव यूपीसीडा में शामिल हो गए थे। इससे उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के पास केवल शहर के आसपास का ही क्षेत्र बचने से आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करने की योजनाओं पर बहुत काम नहीं हो पाया।
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उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष/डीएम गौरांग राठी ने इन गांवों को पुन: उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। उनके लगातार प्रयासों के बाद प्राधिकरण को इन गांवों को वापस पाने में सफलता मिली है।
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यूएसडीए के सचिव/एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि यूपीसीडा में शामिल 10गांव उन्नाव को मिलने के बाद प्राधिकरण को आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं पर काम करने के लिए जमीन की कमी दूर हुई है। उन्होंने बताया कि टाउनशिप योजनाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन टाउनशिप योजनाओं में बिजली, पानी, सीवरेज, जल निकासी, पार्क, पार्किंग, अस्पताल, स्कूल सहित व सभी सुविधाएं होंगी। लोगों को सुविधाजनक क्षेत्र में घर के साथ आसपास खाली स्थानों पर शहरी क्षेत्र का विस्तार होगा।

यूएसडीए में पुन: शामिल हुए गांव

उन्नाव ग्रामीण, शेखपुरनरी, बंथर, कड़ेर पतारी, गदनखेड़ा, सिंगरौसी, मुर्तजानगर, वाजिदपुर और झंझरी।



यूपीसीडा में शामिल किए गए गांव

इब्राहिमाबाद, रजुआखेड़ा, चांदपुर, कोटरा, डीह और तुर्कमान नगर। जबकि कटरी पीपरखेड़ा गांव में दोनों प्राधिकरणों का दखल होगा। गंगा एक्सप्रेसवे की तरफ यूपीसीडा में और दूसतरी तरफ का भाग यूएसडीए में है।
अब केडीए से 29 गांव वापस लेने के प्रयास
उन्नाव। यूएसडीए क्षेत्र के 29 गांवों को शासन के निर्देश पर वर्ष 1996 में गंगा बैराज के पास के 13 राजस्व गांवों को केडीए के विकास क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद वर्ष 2000 में गंगोत्री टाउनशिप योजना के लिए 16 गांव और दे दिए गए थे। अब इन गांवों को उन्नाव प्राधिकरण क्षेत्र में वापस लाने की तैयारी है। सदर विधायक ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र दिया है।
सदर विधायक पकंज गुप्ता ने बताया कि केडीए ने इन 29 गांवों में कोई भी आवासीय या व्यावसायिक योजना नहीं बनाई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव आवास को पुन: मांगपत्र दिया है। उन्हें बताया है कि केडीए ने इन 29 गांवों को ग्रीन बेल्ट/कृषि क्षेत्र दर्शाया है। बताया कि शुक्लागंज और ट्रांसगंगा सिटी के आसपास के इन गांव के लोगों को आवासीय और व्यवसायिक भवनों के नक्शे पास कराना मुश्किल हो रहा है। लोगों को एनओसी आदि के लिए उन्नाव जिला प्रशासन के पास और नक्शा पास कराने के लिए केडीए के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बताया कि पूर्व में विधानसभा में मुद्दा उठाया था, मुख्यमंत्री फिर मांगपत्र दिया है। जल्द ही कोई न कोई हल निकालने का आश्वासन मिला है।


वर्ष 1996 में केडीए में शामिल हुए गांव
सन्नी, शंकरपुर सराय, पिपरी, कन्हवापुर, पहाड़ीपुर,मनभौना, खैरहा गैर एहतमाली, देवारा कला, बनी, पिंडोखा, मुस्तफापुर, लक्ष्मीखेड़ा और गंगौली।
वर्ष 2000 में केडीएम में गए गांव

हरिहरपुर गैत एहतमाली, हरिहरपुर एहतमाली, देवारा खुर्द, बेहटा, चिलौला, हफीजाबाद, सिकंदरपुर, अरझौरामऊ, कंजौरा, कनिकामऊ, खटई, ख्वाजगीपुर, सरैया, नेतुआ और मगरवारा।
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