{"_id":"645aa223152f6a9b2904ca77","slug":"uncle-nephew-drowned-in-the-ganges-no-clue-even-on-the-fifth-day-farrukhabad-news-c-12-1-224351-2023-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: गंगा में डूबे चाचा-भतीजे का पांचवें दिन भी सुराग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: गंगा में डूबे चाचा-भतीजे का पांचवें दिन भी सुराग नहीं
Wed, 10 May 2023 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 10 May 2023 01:12 AM IST
विज्ञापन
कमालगंज। गंगा में स्नान करने के दौरान डूबे चाचा-भतीजे की तलाश पांचवें दिन जारी रही। एटा फ्लड पीएसी टीम ने काफी दूर तक खोज की। लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार शाम नहाते समय पिता-पुत्र व चचेरा भाई डूब गए थे। जिसमें पिता का शव बरामद हो गया था।
कस्बे के निकटवर्ती गांव मकूनगला निवासी संदीप कुमार (32) भतीजे रोहित (10) के साथ शुक्रवार शाम कल्लू नगला के सामने स्थित घाट पर गंगा में स्नान करने के दौरान डूब गए थे। उन्हें बचाने में रोहित के पिता शिवकुमार (36) भी गहराई में चले जाने से लापता हो गए थे। गोताखोरों ने दो घंटे की खोजबीन में शिवकुमार का शव बरामद कर लिया था। मंगलवार सुबह एटा से आई पीएसी की 45 वीं वाहिनी टीम ने मोटर बोट से लापता संदीप के चाचा पिंटू को साथ लेकर कल्लू नगला घाट, जंजाली नगला, चाचूपुर, महमदगंज मढ़ैयन घाट व श्रृंगीरामपुर घाट के आगे तक रोहित व संदीप की तलाश की। स्ट्रीमर से जाल डालकर भी खोजबीन की गई। शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चला। इस पर परिजन निराश होकर घाट से घर को लौट गए।
विज्ञापन
कस्बे के निकटवर्ती गांव मकूनगला निवासी संदीप कुमार (32) भतीजे रोहित (10) के साथ शुक्रवार शाम कल्लू नगला के सामने स्थित घाट पर गंगा में स्नान करने के दौरान डूब गए थे। उन्हें बचाने में रोहित के पिता शिवकुमार (36) भी गहराई में चले जाने से लापता हो गए थे। गोताखोरों ने दो घंटे की खोजबीन में शिवकुमार का शव बरामद कर लिया था। मंगलवार सुबह एटा से आई पीएसी की 45 वीं वाहिनी टीम ने मोटर बोट से लापता संदीप के चाचा पिंटू को साथ लेकर कल्लू नगला घाट, जंजाली नगला, चाचूपुर, महमदगंज मढ़ैयन घाट व श्रृंगीरामपुर घाट के आगे तक रोहित व संदीप की तलाश की। स्ट्रीमर से जाल डालकर भी खोजबीन की गई। शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चला। इस पर परिजन निराश होकर घाट से घर को लौट गए।
विज्ञापन