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बर्खास्त शिक्षक के खिलाफ ऑन लाइन कराई एफआईआर
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दो साल बाद बर्खास्त शिक्षक पर ऑनलाइन केस दर्ज
फर्रुखाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा में फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने में साल 2018 में बर्खास्त हुए शिक्षक के खिलाफ दो साल बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई है। बीईओ का आरोप है कि दो साल से वह दो साल से शहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाने में चक्कर लगा रहे थे।
शमसाबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव बांसखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थानाक्षेत्र में आता है। इस विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात रुद्रभान का विभागीय जांच में शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाण पत्र जांच में फर्जी निकला था।
साल 2018 में बीएसए ने शिक्षक को बर्खास्त कर बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मौर्या मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गए। दो जिलो के सीमा विवाद में बीईओ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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विभाग ने शाहजहांपुर जिले के अधिकारियों से पत्राचार किया फिर भी रिपोर्ट दर्ज न हो सकी। राज्य परियोजना निदेशक के रिपोर्ट मांगने पर मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई। बीईओ ने बताया कि एफआईआर का नंबर मिल गया है, लेकिन उसकी कापी अभी नहीं निकली है।
बर्खास्त शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
कायमगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंक पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षक की बर्खास्तगी के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव दत्तू नगला निवासी जितेंद्र सिंह ने डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 सत्र की फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली थी।
इनके खिलाफ एसआईटी ने जांच की थी। जांच के बाद इन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने जितेंद्र सिंह के खिलाफ मंगलवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। जितेंद्र सिंह कायमगंज क्षेत्र के गांव नगला विधि के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे।
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फर्रुखाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा में फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने में साल 2018 में बर्खास्त हुए शिक्षक के खिलाफ दो साल बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई है। बीईओ का आरोप है कि दो साल से वह दो साल से शहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाने में चक्कर लगा रहे थे।
शमसाबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव बांसखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थानाक्षेत्र में आता है। इस विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात रुद्रभान का विभागीय जांच में शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाण पत्र जांच में फर्जी निकला था।
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साल 2018 में बीएसए ने शिक्षक को बर्खास्त कर बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मौर्या मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गए। दो जिलो के सीमा विवाद में बीईओ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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विभाग ने शाहजहांपुर जिले के अधिकारियों से पत्राचार किया फिर भी रिपोर्ट दर्ज न हो सकी। राज्य परियोजना निदेशक के रिपोर्ट मांगने पर मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई। बीईओ ने बताया कि एफआईआर का नंबर मिल गया है, लेकिन उसकी कापी अभी नहीं निकली है।
बर्खास्त शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
कायमगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंक पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षक की बर्खास्तगी के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव दत्तू नगला निवासी जितेंद्र सिंह ने डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 सत्र की फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली थी।
इनके खिलाफ एसआईटी ने जांच की थी। जांच के बाद इन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने जितेंद्र सिंह के खिलाफ मंगलवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। जितेंद्र सिंह कायमगंज क्षेत्र के गांव नगला विधि के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे।