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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट का ट्रायल सफल
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में लगे ब्लड सेपरेशन यूनिट का सफल ट्रायल किया गया। लखनऊ से आए इंजीनियर की देखरेख में पहली बार चार यूनिट ब्लड से आरबीसी, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स अलग किया गया। दो जुलाई को मुख्यमंत्री के हाथों वर्चुअल उद्घाटन के बाद मरीजों को निजी अस्पताल में मोटी रकम खर्च करने से छुटकारा मिल जाएगा।
शुक्रवार को लखनऊ से आए इंजीनियर सर्वेश द्विवेदी, यूनिट प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार की देखरेख में एक बार में 12 यूनिट की क्षमता वाली ब्लड सेपरेशन मशीन में चार यूनिट रक्त रखा गया। इसके बाद उसे चालू किया गया। निर्धारित समय बात इंजीनियर ने बंद किया। देखा, तो ब्लड बैग में आरबीसी नीचे और पीआरपी (प्लाज्मा रीच प्लेटलेट्स) ऊपर आ गया। लैब टैक्नीशियन गिरीश कुमार, अमित मिश्रा, गौरव मिश्रा, अमृत सिंह ने थ्री-लेयर बैगों में दूसरी मशीन के सहयोग से आरबीसी, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स को अलग-अलग बैगों में कर लिया।
इसके बाद उन्हें आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग तापमान वाले फ्रीजरों में स्टोर कर दिया गया। सेपरेशन यूनिट का विधिवत उद्घाटन दो जुलाई को मुख्यमंत्री के हाथों वर्चुअल होगा। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि अब जो भी ब्लड डोनेट होगा, उससे आरबीसी, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स अलग-अलग किया जाएगा। उद्घाटन के बाद मरीजों को सुविधा उपलब्ध होगी।
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ब्लड क्राॅस मैच मशीन भी चालू
शासन ने बड़े शहरों और मेडिकल काॅलेजों की तरह ब्लड बैंक में ब्लड क्राॅस मैच मशीन भी चालू करवा दी है। इस मशीन से मरीजों के ब्लड को मैच करने में मात्र 20 मिनट लगेंगे। अभी मैनुअल मैच कराने में करीब डेढ़ घंटा लग जाता था। डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को तुरंत ब्लड मिलना आसान होगा। यही नहीं ब्लड मैचिंग जांच रिपोर्ट भी पूरी तरह सटीक होगी।
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शुक्रवार को लखनऊ से आए इंजीनियर सर्वेश द्विवेदी, यूनिट प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार की देखरेख में एक बार में 12 यूनिट की क्षमता वाली ब्लड सेपरेशन मशीन में चार यूनिट रक्त रखा गया। इसके बाद उसे चालू किया गया। निर्धारित समय बात इंजीनियर ने बंद किया। देखा, तो ब्लड बैग में आरबीसी नीचे और पीआरपी (प्लाज्मा रीच प्लेटलेट्स) ऊपर आ गया। लैब टैक्नीशियन गिरीश कुमार, अमित मिश्रा, गौरव मिश्रा, अमृत सिंह ने थ्री-लेयर बैगों में दूसरी मशीन के सहयोग से आरबीसी, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स को अलग-अलग बैगों में कर लिया।
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इसके बाद उन्हें आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग तापमान वाले फ्रीजरों में स्टोर कर दिया गया। सेपरेशन यूनिट का विधिवत उद्घाटन दो जुलाई को मुख्यमंत्री के हाथों वर्चुअल होगा। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि अब जो भी ब्लड डोनेट होगा, उससे आरबीसी, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स अलग-अलग किया जाएगा। उद्घाटन के बाद मरीजों को सुविधा उपलब्ध होगी।
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ब्लड क्राॅस मैच मशीन भी चालू
शासन ने बड़े शहरों और मेडिकल काॅलेजों की तरह ब्लड बैंक में ब्लड क्राॅस मैच मशीन भी चालू करवा दी है। इस मशीन से मरीजों के ब्लड को मैच करने में मात्र 20 मिनट लगेंगे। अभी मैनुअल मैच कराने में करीब डेढ़ घंटा लग जाता था। डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को तुरंत ब्लड मिलना आसान होगा। यही नहीं ब्लड मैचिंग जांच रिपोर्ट भी पूरी तरह सटीक होगी।